Annamalai: नॉर्थ इंडियन क्राइम करते हैं, अन्नामलाई ने BJP से अलग होते ही शुरू की द्रविड़ पॉलिटिक्स, RSS के एस गुरुमूर्ति भी दंग
चेन्नई: तमिलनाडु में राजनीति लंबे समय से तमिल पहचान और भाषा, द्रविड़ विचारधारा, क्षेत्रीय गौरव और उत्तर भारतीय विरोधी बयानों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। दशकों से द्रविड़ पार्टियों ने इन मुद्दों पर आधारित नैरेटिव का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया है और चुनावों में अपना दबदबा बनाया है। द्रविड़ आंदोलन के उदय और डीएमके-एआईएडीएमके के वर्चस्व ने छह दशकों में इन राजनीतिक मुद्दों को और मजबूत किया है। ऐसे में क्या के अन्नामलाई अब उत्तर-विरोधी रुख अपना रहे हैं? आइए समझते हैं-

हाल की घटनाओं पर जताई चिंता
तमिलनाडु में तीन साल की बच्ची के रेप और हत्या के अलावा 10 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न को लेकर भारी आक्रोश है। दोनों मामलों में आरोपी प्रवासी मजदूर हैं। ऐसे में सोमवार को तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने राज्य में गंभीर अपराधों में उत्तर भारतीय मजदूरों की बढ़ती भागीदारी की आलोचना की। दरअसल अन्नामलाई द्रविड़ पार्टियों जैसा ही नैरेटिव अपनाते दिख रहे हैं, लेकिन इसमें थोड़ा फर्क है। बीजेपी छोड़ने के बाद अपना नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के बाद से अन्नामलाई उत्तर-दक्षिण बहस को पारंपरिक द्रविड़ अंदाज में नहीं, बल्कि ज्यादा व्यावहारिक नजरिए से उठा रहे हैं। इसे भाषा, संस्कृति या संघवाद के इर्द-गिर्द रखने के बजाय अन्नामलाई शासन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। खासकर उन मामलों में जिनमें उत्तरी राज्यों से आए प्रवासी शामिल हैं।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु में बढ़ते क्राइम पर उत्तर भारतीयों की ओर किया इशारा
नाबालिग लड़कियों से जुड़े हाल के दो मामलों का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने प्रवासी मजदूरों के लिए उचित रजिस्ट्रेशन न होने और रोजगार के लिए तमिलनाडु आने वाले लोगों का पता लगाने में होने वाली कठिनाई पर प्रकाश डाला। IPS अधिकारी से राजनेता बने अन्नामलाई ने सोमवार को X पर लिखा कि तिरुवल्लूर जिले के गुम्मीदिपूंडी के पास तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का शिकार होने और इलाज के बावजूद उसकी मौत की खबर ने गहरा सदमा और दुख पहुंचाया है।
बच्ची से दरिंदगी की घटना का जिक्र
अन्नामलाई चेन्नई के पास गुमिडिपुंडी में SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट से सामने आए एक मामले का जिक्र कर रहे थे, जहां कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद स्टेनली सरकारी अस्पताल में तीन साल की बच्ची की मौत हो गई। इंडस्ट्रियल इलाके में रहने वाले प्रवासी मजदूर परिवार की यह बच्ची रविवार को लापता हो गई थी और बाद में पास की झाड़ियों में घायल हालत में मिली। उसे पहले गुमिडिपुंडी के सरकारी अस्पताल में इलाज दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए चेन्नई भेजा गया, जहां बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस अपराध के सिलसिले में बिहार के रहने वाले 19 साल के बिपिन मांझी को गिरफ़्तार किया।
अन्नामलाई ने एक्स पर क्या कहा?
X पर उसी पोस्ट में अन्नामलाई ने कांचीपुरम जिले के अथानूर गांव में 10 साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न के एक और मामले का भी जिक्र किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी की पहचान 43 साल के जयशांत के तौर पर हुई है, जो बिहार का प्रवासी मजदूर है। अन्नामलाई ने कहा कि उत्तर भारतीय राज्य के एक व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया गया है, जिसने कांचीपुरम ज़िले के अथानूर में 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था। पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले अपराधों में उत्तर भारतीय राज्यों के लोगों की भागीदारी में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने जयशांत को गिरफ़्तार कर लिया है और उससे किसी गुप्त जगह पर पूछताछ कर रही है।
प्रवासी मजदूरों से जुड़े कई मामलों का भी जिक्र
अन्नामलाई का दखल राजनीतिक रूप से इसलिए अहम है क्योंकि यह उत्तर-दक्षिण की राजनीति के पारंपरिक द्रविड़ नजरिए से अलग है। अन्नामलाई इस मुद्दे को अपराध, प्रवासी रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक जवाबदेही के नजरिए से पेश कर रहे हैं। X पर अपनी पोस्ट में अन्नामलाई ने अपनी बात को सही ठहराने के लिए उत्तरी राज्यों के प्रवासी मजदूरों से जुड़े कई मामलों का भी जिक्र किया।
बिहार के अरेस्ट मजदूर का जिक्र
इनमें 3 जून को चेन्नई के व्यासार्पाडी में चेन छीनने की घटना भी शामिल थी, जहां ट्रैफिक पुलिस ने झारखंड के एक 24 साल के व्यक्ति का पीछा किया और उसे पकड़ा। उस व्यक्ति ने कथित तौर पर एक 68 साल की महिला की सोने की चेन छीन ली थी। उन्होंने वेलाचेरी में 29 मई को मानसिक रूप से कमजोर और बेघर महिला के साथ हुए गैंगरेप का भी जिक्र किया, जिसमें पुलिस ने बिहार के दो मजदूरों को गिरफ़्तार किया था।
तमिलनाडु सरकार से की मांग
नाबालिग लड़कियों से जुड़े हालिया मामलों के साथ इन घटनाओं का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने तर्क दिया कि उत्तर भारतीय राज्यों के लोगों से जुड़े अपराधों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए एक व्यापक रजिस्ट्रेशन और निगरानी सिस्टम बनाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। इन मामलों को उजागर करने के बाद अन्नामलाई ने लिखा कि ये कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें उत्तर भारतीय राज्यों के युवा पुरुषों को गिरफ़्तार किया गया है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
ट्रैक करने की जरूरत: विजय के नेतृत्व वाली सरकार से अन्नामलाई की मांग
हालिया अपराधों की निंदा करते हुए अन्नामलाई ने उन मामलों में आरोपियों की तेज़ी से पहचान करने और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए तमिलनाडु पुलिस की तारीफ़ की। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ा सवाल यह है कि तमिलनाडु सरकार ने ऐसे अपराधों को होने से रोकने के लिए क्या योजना बनाई है। अन्नामलाई ने पूछा कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों की पुलिस द्वारा तुरंत पहचान और गिरफ़्तारी तारीफ़ के काबिल है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार इन अपराधों को होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाएगी?
रोजगार-पलायन के मुद्दे पर घेरा
IPS अफसर से राजनेता बने अन्नामलाई ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोजगार के लिए पलायन स्वाभाविक और फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि जैसे दूसरे राज्यों के लोग काम के लिए तमिलनाडु आते हैं, वैसे ही तमिल लोग भी मौकों की तलाश में पूरे भारत में जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता पलायन को लेकर नहीं, बल्कि राज्य में आने वाले प्रवासी मजदूरों की जानकारी को ट्रैक और वेरिफाई करने के लिए किसी व्यवस्थित सिस्टम के न होने को लेकर है।
अन्नामलाई ने उठाए सवाल
अन्नामलाई ने सवाल किया कि क्या तमिलनाडु में कॉन्ट्रैक्टर, एम्प्लॉयर और कंपनी के मालिक दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों का सही रिकॉर्ड रखते हैं और क्या ऐसी जानकारी सरकार के साथ शेयर की जाती है। उन्होंने एक रेगुलेटेड सिस्टम की मांग की जिसके तहत एम्प्लॉयर को प्रवासी मज़दूरों की पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें उनका मूल स्थान, काम की जगह, रहने की जगह और काम पर रखे गए मज़दूरों की संख्या शामिल हो।
प्रवासी मजदूरों का डेटा रखने की अपील
अन्नामलाई ने CM जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार से प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य-व्यापी डेटाबेस और निगरानी सिस्टम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे सिस्टम से जवाबदेही बेहतर होगी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को उन लोगों से जुड़े अपराधों पर ज़्यादा असरदार ढंग से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी जो काम के लिए राज्य की सीमाओं को पार करते हैं।
RSS के एस.गुरुमूर्ति भी रह गए दंग
उधर, आरएसएस से जुड़े एस गुरुमूर्ति ने अन्नामलाई के रवैये पर हैरानी जताई है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मैंने हमेशा अन्नामलाई को बीजेपी में और उनके जाने के बाद भी सकारात्मक नजरिए से देखा है। लेकिन उत्तरी राज्यों के खिलाफ यह नैरेटिव मंजूर नहीं है। यह किसी चूक का नतीजा है या किसी और द्रविड़ आंदोलन की ओर एक कदम, यह तो भविष्य ही बताएगा।
हाल की घटनाओं पर जताई चिंता
तमिलनाडु में तीन साल की बच्ची के रेप और हत्या के अलावा 10 साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न को लेकर भारी आक्रोश है। दोनों मामलों में आरोपी प्रवासी मजदूर हैं। ऐसे में सोमवार को तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने राज्य में गंभीर अपराधों में उत्तर भारतीय मजदूरों की बढ़ती भागीदारी की आलोचना की। दरअसल अन्नामलाई द्रविड़ पार्टियों जैसा ही नैरेटिव अपनाते दिख रहे हैं, लेकिन इसमें थोड़ा फर्क है। बीजेपी छोड़ने के बाद अपना नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के बाद से अन्नामलाई उत्तर-दक्षिण बहस को पारंपरिक द्रविड़ अंदाज में नहीं, बल्कि ज्यादा व्यावहारिक नजरिए से उठा रहे हैं। इसे भाषा, संस्कृति या संघवाद के इर्द-गिर्द रखने के बजाय अन्नामलाई शासन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। खासकर उन मामलों में जिनमें उत्तरी राज्यों से आए प्रवासी शामिल हैं।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु में बढ़ते क्राइम पर उत्तर भारतीयों की ओर किया इशारा
नाबालिग लड़कियों से जुड़े हाल के दो मामलों का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने प्रवासी मजदूरों के लिए उचित रजिस्ट्रेशन न होने और रोजगार के लिए तमिलनाडु आने वाले लोगों का पता लगाने में होने वाली कठिनाई पर प्रकाश डाला। IPS अधिकारी से राजनेता बने अन्नामलाई ने सोमवार को X पर लिखा कि तिरुवल्लूर जिले के गुम्मीदिपूंडी के पास तीन साल की बच्ची के यौन उत्पीड़न का शिकार होने और इलाज के बावजूद उसकी मौत की खबर ने गहरा सदमा और दुख पहुंचाया है।
बच्ची से दरिंदगी की घटना का जिक्र
अन्नामलाई चेन्नई के पास गुमिडिपुंडी में SIPCOT इंडस्ट्रियल एस्टेट से सामने आए एक मामले का जिक्र कर रहे थे, जहां कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के बाद स्टेनली सरकारी अस्पताल में तीन साल की बच्ची की मौत हो गई। इंडस्ट्रियल इलाके में रहने वाले प्रवासी मजदूर परिवार की यह बच्ची रविवार को लापता हो गई थी और बाद में पास की झाड़ियों में घायल हालत में मिली। उसे पहले गुमिडिपुंडी के सरकारी अस्पताल में इलाज दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए चेन्नई भेजा गया, जहां बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस अपराध के सिलसिले में बिहार के रहने वाले 19 साल के बिपिन मांझी को गिरफ़्तार किया।
अन्नामलाई ने एक्स पर क्या कहा?
X पर उसी पोस्ट में अन्नामलाई ने कांचीपुरम जिले के अथानूर गांव में 10 साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न के एक और मामले का भी जिक्र किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी की पहचान 43 साल के जयशांत के तौर पर हुई है, जो बिहार का प्रवासी मजदूर है। अन्नामलाई ने कहा कि उत्तर भारतीय राज्य के एक व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया गया है, जिसने कांचीपुरम ज़िले के अथानूर में 10 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न किया था। पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले अपराधों में उत्तर भारतीय राज्यों के लोगों की भागीदारी में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने जयशांत को गिरफ़्तार कर लिया है और उससे किसी गुप्त जगह पर पूछताछ कर रही है।
प्रवासी मजदूरों से जुड़े कई मामलों का भी जिक्र
अन्नामलाई का दखल राजनीतिक रूप से इसलिए अहम है क्योंकि यह उत्तर-दक्षिण की राजनीति के पारंपरिक द्रविड़ नजरिए से अलग है। अन्नामलाई इस मुद्दे को अपराध, प्रवासी रजिस्ट्रेशन और प्रशासनिक जवाबदेही के नजरिए से पेश कर रहे हैं। X पर अपनी पोस्ट में अन्नामलाई ने अपनी बात को सही ठहराने के लिए उत्तरी राज्यों के प्रवासी मजदूरों से जुड़े कई मामलों का भी जिक्र किया।
बिहार के अरेस्ट मजदूर का जिक्र
इनमें 3 जून को चेन्नई के व्यासार्पाडी में चेन छीनने की घटना भी शामिल थी, जहां ट्रैफिक पुलिस ने झारखंड के एक 24 साल के व्यक्ति का पीछा किया और उसे पकड़ा। उस व्यक्ति ने कथित तौर पर एक 68 साल की महिला की सोने की चेन छीन ली थी। उन्होंने वेलाचेरी में 29 मई को मानसिक रूप से कमजोर और बेघर महिला के साथ हुए गैंगरेप का भी जिक्र किया, जिसमें पुलिस ने बिहार के दो मजदूरों को गिरफ़्तार किया था।
तमिलनाडु सरकार से की मांग
नाबालिग लड़कियों से जुड़े हालिया मामलों के साथ इन घटनाओं का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने तर्क दिया कि उत्तर भारतीय राज्यों के लोगों से जुड़े अपराधों में काफी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए एक व्यापक रजिस्ट्रेशन और निगरानी सिस्टम बनाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया। इन मामलों को उजागर करने के बाद अन्नामलाई ने लिखा कि ये कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें उत्तर भारतीय राज्यों के युवा पुरुषों को गिरफ़्तार किया गया है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।
ट्रैक करने की जरूरत: विजय के नेतृत्व वाली सरकार से अन्नामलाई की मांग
हालिया अपराधों की निंदा करते हुए अन्नामलाई ने उन मामलों में आरोपियों की तेज़ी से पहचान करने और उन्हें गिरफ़्तार करने के लिए तमिलनाडु पुलिस की तारीफ़ की। उन्होंने यह भी कहा कि बड़ा सवाल यह है कि तमिलनाडु सरकार ने ऐसे अपराधों को होने से रोकने के लिए क्या योजना बनाई है। अन्नामलाई ने पूछा कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों की पुलिस द्वारा तुरंत पहचान और गिरफ़्तारी तारीफ़ के काबिल है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार इन अपराधों को होने से रोकने के लिए क्या कदम उठाएगी?
रोजगार-पलायन के मुद्दे पर घेरा
IPS अफसर से राजनेता बने अन्नामलाई ने इस बात पर भी जोर दिया कि रोजगार के लिए पलायन स्वाभाविक और फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि जैसे दूसरे राज्यों के लोग काम के लिए तमिलनाडु आते हैं, वैसे ही तमिल लोग भी मौकों की तलाश में पूरे भारत में जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता पलायन को लेकर नहीं, बल्कि राज्य में आने वाले प्रवासी मजदूरों की जानकारी को ट्रैक और वेरिफाई करने के लिए किसी व्यवस्थित सिस्टम के न होने को लेकर है।
अन्नामलाई ने उठाए सवाल
अन्नामलाई ने सवाल किया कि क्या तमिलनाडु में कॉन्ट्रैक्टर, एम्प्लॉयर और कंपनी के मालिक दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों का सही रिकॉर्ड रखते हैं और क्या ऐसी जानकारी सरकार के साथ शेयर की जाती है। उन्होंने एक रेगुलेटेड सिस्टम की मांग की जिसके तहत एम्प्लॉयर को प्रवासी मज़दूरों की पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें उनका मूल स्थान, काम की जगह, रहने की जगह और काम पर रखे गए मज़दूरों की संख्या शामिल हो।
प्रवासी मजदूरों का डेटा रखने की अपील
अन्नामलाई ने CM जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार से प्रवासी मजदूरों के लिए राज्य-व्यापी डेटाबेस और निगरानी सिस्टम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसे सिस्टम से जवाबदेही बेहतर होगी और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को उन लोगों से जुड़े अपराधों पर ज़्यादा असरदार ढंग से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी जो काम के लिए राज्य की सीमाओं को पार करते हैं।
RSS के एस.गुरुमूर्ति भी रह गए दंग
उधर, आरएसएस से जुड़े एस गुरुमूर्ति ने अन्नामलाई के रवैये पर हैरानी जताई है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मैंने हमेशा अन्नामलाई को बीजेपी में और उनके जाने के बाद भी सकारात्मक नजरिए से देखा है। लेकिन उत्तरी राज्यों के खिलाफ यह नैरेटिव मंजूर नहीं है। यह किसी चूक का नतीजा है या किसी और द्रविड़ आंदोलन की ओर एक कदम, यह तो भविष्य ही बताएगा।
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