आदित्य ठाकरे ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर बीजेपी पर बोला हमला, कहा- देश में लोकतंत्र लगभग समाप्त

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मुंबई: उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए ‘हमले’ की कड़ी निंदा की। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला दुनिया को यह संकेत देता है कि हमारे देश में लोकतंत्र को लगभग समाप्त कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था या तो जान-बूझकर नियंत्रण में नहीं रखी जा रही है, या फिर वह पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि सांसदों की सुरक्षा ही सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो दुनिया इसे किस नजर से देखेगी? निवेशक? पर्यटक? हमारी कभी लोकतांत्रिक रही व्यवस्था के लिए यह एक अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।
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अभिषेक बनर्जी पर फेंके गए पत्थर-जूते-अंडे
पुलिस के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शनिवार को सोनारपुर में चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने गए थे, तभी स्थानीय लोगों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की। अज्ञात लोगों ने सांसद पर पत्थर, जूते व अंडे फेंके और ‘चोर, चोर’ चिल्लाते हुए उन पर लात-घूंसे बरसाने की कोशिश भी की। घटना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए भयावह हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को जानबूझकर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा न देना भाजपा की प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति का स्पष्ट प्रमाण है।



हमला बेहद निंदनीय
खरगे ने ‘एक्स’ पर कहा कि केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को सभी विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजनीतिक मतभेद किसी भी प्रकार की हिंसा को कभी भी उचित नहीं ठहरा सकते। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि बनर्जी पर हुआ ‘चौंकाने वाला हमला’ बेहद निंदनीय है और यह ‘भाजपा की नफरत व हिंसा की राजनीति’ का स्पष्ट उदाहरण है।

पश्चिम बंगाल पुलिस की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस की अनुपस्थिति जानबूझकर सुरक्षा हटाने की ओर इशारा करती है, जबकि सुरक्षा हमेशा सुनिश्चित की जानी चाहिए। विपक्षी नेताओं को स्वतंत्र रूप से जनसंपर्क की अनुमति दी जानी चाहिए और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में हिंसा कभी सहारा नहीं होनी चाहिए। लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक मणिकम टैगोर ने भी अभिषेक बनर्जी पर हुए ‘हमले’ की निंदा की और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे अभिषेक बनर्जी
उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में हुए इस भयावह हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूं। टैगोर ने बिरला से केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकारों को सभी सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे हमलों को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश देने का आग्रह किया। टेलीविजन पर प्रसारित घटनास्थल के दृश्यों में अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहने हुए इलाके से बाहर ले जाते हुए दिखाया गया, उनकी कमीज फट गई थी।

बीजेपी ने घटना से किया इनकर
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक पीड़ित के परिजनों से मुलाकात के दौरान कहा कि देखिए इन्होंने मेरे साथ क्या किया। यह सब पहले से तय था। इलाके में पुलिस नहीं है। वे मुझे मारना चाहते हैं। जब तक पुलिस अपनी टीम नहीं भेजती और पीड़ितों के परिवारों को सुरक्षा प्रदान नहीं करती, मैं यह जगह नहीं छोडूंगा। स्थानीय महिलाएं झाड़ू व बांस के डंडे लिए तृणमूल कार्यकर्ता के घर के बाहर जमा हो गईं, जहां अभिषेक बनर्जी गए थे। उन्होंने सांसद के खिलाफ नारे लगाए। बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह घटना उन स्थानीय लोगों के गुस्से का परिणाम हो सकती है, जिन्हें वर्षों से ‘यातना’ दी गई है।