Abu Azmi: मजाक चल रहा, दुनिया हंसेगी, SIR में सांसद-विधायक के नाम वोटरलिस्ट से गायब होने पर अबू आजमी का हमला
मुंबई: समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी सांसद या विधायक तक का नाम वोटर लिस्ट में नहीं आता है और उसे नोटिस दिया जाता है, तो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। अबू आजमी ने कहा कि किसी सांसद या विधायक का एसआईआर में नाम न आए तो सिस्टम पर हंसी आती है। एसआईआर के तहत उन्हें नोटिस दिया जा रहा है और उनका नाम काटा जा रहा है। ये देश में क्या हो रहा है? मजाक चल रहा है। इस पर दुनिया के लोग हंसेंगे। अबू आजमी ने मतदाता सूची में नामों से जुड़ी गड़बड़ियों के अलावा हिंदू राष्ट्र की मांग और टीपू सुल्तान को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी।

अबू आजमी ने हिंदू राष्ट्र की मांग पर क्या कहा?
हिंदू राष्ट्र की मांग पर अबू आजमी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के खिलाफ किसी भी तरह की मांग नहीं की जानी चाहिए। आजमी ने सिमी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस पर देश को शरीयत के आधार पर चलाने और मुस्लिम देश बनाने जैसी बातें कहने के आरोप लगे थे। इसके बाद संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने कहा कि उसी तरह अगर कोई खुलेआम भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करता है, तो ऐसी मांगों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अंबेडकर का जिक्र
उन्होंने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को बराबर अधिकार दिए गए हैं और किसी का अधिकार छीनना संविधान के खिलाफ है। अबू आजमी ने महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान को मानने वाले लोगों को ऐसी मांगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी विविधता और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की संवैधानिक व्यवस्था से है।
टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला शासक बताया
टीपू सुल्तान को लेकर जारी विवाद पर भी अबू आजमी ने अपनी बात रखी। उन्होंने टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला शासक बताते हुए कहा कि उनकी विरासत को मिटाया नहीं जा सकता। टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट फैसला करेगा और उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाया
अबू आजमी ने कहा कि टीपू सुल्तान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर अंतिम निर्णय कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर दोबारा सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर भी अगर समस्याएं सामने आ रही हैं तो व्यवस्था को इसे गंभीरता से देखना चाहिए।
अबू आजमी ने हिंदू राष्ट्र की मांग पर क्या कहा?
हिंदू राष्ट्र की मांग पर अबू आजमी ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समेत सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के खिलाफ किसी भी तरह की मांग नहीं की जानी चाहिए। आजमी ने सिमी का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस पर देश को शरीयत के आधार पर चलाने और मुस्लिम देश बनाने जैसी बातें कहने के आरोप लगे थे। इसके बाद संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने कहा कि उसी तरह अगर कोई खुलेआम भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करता है, तो ऐसी मांगों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अंबेडकर का जिक्र
उन्होंने कहा कि संविधान में सभी नागरिकों को बराबर अधिकार दिए गए हैं और किसी का अधिकार छीनना संविधान के खिलाफ है। अबू आजमी ने महात्मा गांधी और डॉ भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान को मानने वाले लोगों को ऐसी मांगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की पहचान उसकी विविधता और सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की संवैधानिक व्यवस्था से है।
टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला शासक बताया
टीपू सुल्तान को लेकर जारी विवाद पर भी अबू आजमी ने अपनी बात रखी। उन्होंने टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला शासक बताते हुए कहा कि उनकी विरासत को मिटाया नहीं जा सकता। टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मामले में हाई कोर्ट फैसला करेगा और उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाया
अबू आजमी ने कहा कि टीपू सुल्तान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक विचार हो सकते हैं, लेकिन इस विषय पर अंतिम निर्णय कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर दोबारा सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर भी अगर समस्याएं सामने आ रही हैं तो व्यवस्था को इसे गंभीरता से देखना चाहिए।
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