हर दिन 48 टैंकरों के भरोसे चल रहा है दादर मिडटाउन टर्मिनस, 17 साल से BMC ने नहीं दिया पानी का नया कनेक्शन
मुंबई : पश्चिम रेलवे के सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक दादर मिड टाउन टर्मिनस और स्टेशन यार्ड को आज तक बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर पानी का कनेक्शन नहीं मिल पाया है। वर्तमान समय में टर्मिनस पर पानी की आपूर्ति 100% टैंकरों से होती है। बीएमसी ने बीते कई सालों से पश्चिम रेलवे को कोई नया पानी की पाइप लाइन का कनेक्शन नहीं दिया है।
रोज 4 लाख 80 हजार लीटर पानी की आवश्यकता
आधिकारिक आकड़ों के अनुसार, पश्चिम रेलवे का दादर- जो की एक मिड टाउन स्टेशन के परिसर पर प्रतिदिन 40 टैंकरों से पानी लाया जाता है। प्रत्येक टैंकर में 10 हजार लीटर पानी होता है। यानी प्रतिदिन स्टेशन की जरुरत 4 लाख लीटर पानी की होती है। इसके अलावा दादर स्टेशन के लिए 8 टैंकरों के माध्यम से रोजाना 80 हजार लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इस तरह दादर स्टेशन और मिडटाउन परिसर के लिए कुल 48 टैंकरों से प्रतिदिन 4 लाख 80 हजार लीटर पानी लाना पड़ता है।
प्रतिदिन करीब 2 लाख यात्री करते हैं यात्रा
रेलवे अधिकारी के अनुसार, दादर स्टेशन से हर दिन करीब 2 लाख यात्री यात्रा करते हैं। स्टेशन परिसर में कई कार्यालय, दुकानें, खाने - पीने की स्टॉल और सेवा भवन मौजूद हैं, जहां 1,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। यात्रियों और कर्मचारियों की जरूरतों को देखते हुए यहां प्रतिदिन लगभग 5 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है।
बीएमसी को कई बार लिखे गए पत्र, नहीं हुआ फ़ायदा
पश्चिम रेलवे ने इस संबंध में कई बार बीएमसी को पत्र लिखकर दादर स्टेशन के लिए अलग पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति मंजूर करने की मांग की है। रेलवे ने यह भी अनुरोध किया है कि दादर स्टेशन के प्रस्ताव को अन्य मांग से अलग समझ कर मंजूरी दी जाए। क्योंकि लगातार टैंकरों से पानी मंगाने के कारण अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधाओं और लंबे समय के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी को जल्द से जल्द दादर स्टेशन को पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति शुरू करनी चाहिए।
बिल बाकी और फाइन लगने का दिया जा रहा कारण
मिली जानकारी के अनुसार, बीएमसी ने इस वजह से नया कनेक्शन नहीं दिया, क्योंकि पश्चिम रेलवे ने उनके पुराने बिल नहीं भरे, लेकिन रेलवे ने कहा कि अघिकांश बिल भर दिया गया है, सिर्फ 22 लाख बाकी था, लेकिन बीएमसी ने कोई फाइन लगा दिया । हालाँकि रेलवे वो भी भरने के लिए तैयार है, पर बीएमसी के पास हमारा वे लीव चार्ज, जो की फाइन से ज्यादा है, वो दें। इसलिए पैसे हमे मिलने चाहिए। इस मामले में रेलवे की तरफ से आधिकारिक कोट नहीं दिया गया है। तो वहीं बीएमसी का कहना है कि रेलवे के पास बीएमसी का वाटर चार्जेज बाकी है, जो उन्होंने नहीं चुकाया है। साथ ही विस्तृत तौर पर मांग भी नहीं की गई है।
रोज 4 लाख 80 हजार लीटर पानी की आवश्यकता
प्रतिदिन करीब 2 लाख यात्री करते हैं यात्रा
रेलवे अधिकारी के अनुसार, दादर स्टेशन से हर दिन करीब 2 लाख यात्री यात्रा करते हैं। स्टेशन परिसर में कई कार्यालय, दुकानें, खाने - पीने की स्टॉल और सेवा भवन मौजूद हैं, जहां 1,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। यात्रियों और कर्मचारियों की जरूरतों को देखते हुए यहां प्रतिदिन लगभग 5 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है।
बीएमसी को कई बार लिखे गए पत्र, नहीं हुआ फ़ायदा
पश्चिम रेलवे ने इस संबंध में कई बार बीएमसी को पत्र लिखकर दादर स्टेशन के लिए अलग पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति मंजूर करने की मांग की है। रेलवे ने यह भी अनुरोध किया है कि दादर स्टेशन के प्रस्ताव को अन्य मांग से अलग समझ कर मंजूरी दी जाए। क्योंकि लगातार टैंकरों से पानी मंगाने के कारण अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा है। यात्रियों की सुविधाओं और लंबे समय के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी को जल्द से जल्द दादर स्टेशन को पाइपलाइन से पानी की आपूर्ति शुरू करनी चाहिए।
बिल बाकी और फाइन लगने का दिया जा रहा कारण
मिली जानकारी के अनुसार, बीएमसी ने इस वजह से नया कनेक्शन नहीं दिया, क्योंकि पश्चिम रेलवे ने उनके पुराने बिल नहीं भरे, लेकिन रेलवे ने कहा कि अघिकांश बिल भर दिया गया है, सिर्फ 22 लाख बाकी था, लेकिन बीएमसी ने कोई फाइन लगा दिया । हालाँकि रेलवे वो भी भरने के लिए तैयार है, पर बीएमसी के पास हमारा वे लीव चार्ज, जो की फाइन से ज्यादा है, वो दें। इसलिए पैसे हमे मिलने चाहिए। इस मामले में रेलवे की तरफ से आधिकारिक कोट नहीं दिया गया है। तो वहीं बीएमसी का कहना है कि रेलवे के पास बीएमसी का वाटर चार्जेज बाकी है, जो उन्होंने नहीं चुकाया है। साथ ही विस्तृत तौर पर मांग भी नहीं की गई है।
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