शाजापुर में फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी का भंडाफोड़, 12 लोगों पर केस, 6 हिरासत में मुख्य आरोपी फरार

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शाजापुर: एमपी के शाजापुर में फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी और कॉल सेंटर के जरिए लोगों को निवेश के नाम पर गुमराह करने का मामला सामने आया है। लालघाटी थाना क्षेत्र के काशी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में चल रही संदिग्ध गतिविधियों का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपियों समेत 6 लोग फरार बताए जा रहे हैं।
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पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि काशी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में अवैधानिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के बाद प्रधान आरक्षक राकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

सेंटर की पहली मंजिल के एक कमरे में कई युवक मोबाइल फोन के जरिए लोगों से निवेश और शेयर ट्रेडिंग के संबंध में बातचीत करते मिले। पुलिस ने मौके से 7 स्मार्ट मोबाइल, 6 कीपैड मोबाइल और कुछ दस्तावेज जब्त किए।

  • फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी मामले में 12 लोगों पर केस, 6 आरोपी हिरासत में।
  • पुलिस ने मौके से 7 स्मार्टफोन, 6 कीपैड मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए।
  • मुख्य आरोपियों समेत 6 लोग फरार, पुलिस बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की जांच करेगी।
  • कोचिंग सेंटर में चल रहा था संदिग्ध कॉल सेंटर
मौके पर मौजूद जयसिंह, कुलदीप, संदीप, पवन, धर्मेंद्र, आकाश और राजकुमार से पुलिस ने पूछताछ की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रारंभिक कार्रवाई के बाद उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस पर छोड़ा गया था।

6 आरोपी हिरासत में, 6 की तलाशलालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे के मुताबिक, मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों में कुलदीप, विशाल, संदीप, राजकुमार, विकास और प्रवीण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसने अपने साथी विकास के साथ मिलकर यह ऑफिस 20 जून 2026 से 3 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया था। वहीं पुलिस ने बताया कि जयसिंह, पवन सोन्ती, धर्मेंद्र, आकाश, फहीम और साहिल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

बिना वैधानिक दस्तावेज के चल रही थी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरीपुलिस के मुताबिक, कुलदीप कथित तौर पर साहिल मंसुरी और फहीम गोरी के निर्देशन में शेयर ट्रेडिंग से जुड़ी एडवाइजरी चला रहा था। पुलिस का कहना है कि इस गतिविधि से संबंधित कोई वैधानिक दस्तावेज मौके पर नहीं मिला।

बैंक खातों और पैसों के लेनदेन की होगी जांचपुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेनदेन की जांच में जुटी है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और पैसों के लेनदेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि फर्जी एडवाइजरी के जरिए कितने लोगों को निशाना बनाया गया और कथित तौर पर कितना पैसा इकट्ठा किया गया।

दिसंबर 2025 में भी पकड़ा गया था ऐसा कॉल सेंटरखास बात यह है कि दिसंबर 2025 में भी लालघाटी थाना क्षेत्र में इसी तरह के एक कॉल सेंटर का मामला सामने आया था। राज्य साइबर सेल उज्जैन की टीम ने कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में पुलिस ने 19 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया था।