बुजुर्ग महिला को बचाने में जुटे रहे लोग, उधर मलबे में दबी रही 9 साल की बच्ची और सहेली; परिवार को एक घंटे बाद आई याद
रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के नामली थाना क्षेत्र के रुघनाथगढ़ गांव में तेज बारिश के दौरान एक जर्जर और खाली पड़े कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे में मलबे के नीचे दबने से 9 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी 12 साल की सहेली को ग्रामीणों की सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?सोमवार शाम करीब 5:30 बजे जब झमाझम बारिश हो रही थी, तब गांव की दो बच्चियां, 9 साल की यांशिका चौहान और उसकी 12 साल की पड़ोसी व सहेली प्रीति हमेशा की तरह घर के पास खेल रही थीं। वे गांव की एक संकरी गली से गुजर रही थीं, तभी एक जर्जर और खाली पड़े मिट्टी के मकान की पुरानी दीवार अचानक भरभरा कर गिर पड़ी और दोनों बच्चियां उसके मलबे के नीचे दब गईं। बारिश के कारण आसपास कोई तुरंत यह देख नहीं पाया कि बच्चियां वहां से गुजर रही थीं।
बुजुर्ग महिला के रेस्क्यू में उलझे रहे ग्रामीणघटना के वक्त उसी घर का एक अन्य हिस्सा और ऊपरी छत का कुछ भाग भी ढह गया था, जिसके मलबे में 65 वर्षीय मंगुबाई नाम की एक बुजुर्ग महिला दब गई थीं। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर जब ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़े, तो उनका पूरा ध्यान बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित था। कड़ी मशक्कत के बाद मंगुबाई को मलबे से निकालकर तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जब बुजुर्ग महिला को अस्पताल भेज दिया गया, तब परिजनों को ध्यान आया कि यांशिका और प्रीति काफी देर से नहीं दिख रही हैं।
एक बच्ची की रोने की आवाज ने बचाई जान मलबे से सुरक्षित बाहर निकाली गई प्रीति ने ही होश में आने के बाद परिजनों को बताया कि दीवार गिरने के समय यांशिका भी उसके साथ वहीं मौजूद थी। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत और तेजी से मलबा हटाना शुरू किया। कुछ ही देर में यांशिका मलबे के नीचे अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलने पर सोमवार रात को ही नामली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया, जहां मंगलवार सुबह उसका पोस्टमार्टम कराया गया। नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या प्रशासनिक अनदेखी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?सोमवार शाम करीब 5:30 बजे जब झमाझम बारिश हो रही थी, तब गांव की दो बच्चियां, 9 साल की यांशिका चौहान और उसकी 12 साल की पड़ोसी व सहेली प्रीति हमेशा की तरह घर के पास खेल रही थीं। वे गांव की एक संकरी गली से गुजर रही थीं, तभी एक जर्जर और खाली पड़े मिट्टी के मकान की पुरानी दीवार अचानक भरभरा कर गिर पड़ी और दोनों बच्चियां उसके मलबे के नीचे दब गईं। बारिश के कारण आसपास कोई तुरंत यह देख नहीं पाया कि बच्चियां वहां से गुजर रही थीं।
बुजुर्ग महिला के रेस्क्यू में उलझे रहे ग्रामीणघटना के वक्त उसी घर का एक अन्य हिस्सा और ऊपरी छत का कुछ भाग भी ढह गया था, जिसके मलबे में 65 वर्षीय मंगुबाई नाम की एक बुजुर्ग महिला दब गई थीं। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर जब ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़े, तो उनका पूरा ध्यान बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित था। कड़ी मशक्कत के बाद मंगुबाई को मलबे से निकालकर तुरंत रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जब बुजुर्ग महिला को अस्पताल भेज दिया गया, तब परिजनों को ध्यान आया कि यांशिका और प्रीति काफी देर से नहीं दिख रही हैं।
एक बच्ची की रोने की आवाज ने बचाई जान मलबे से सुरक्षित बाहर निकाली गई प्रीति ने ही होश में आने के बाद परिजनों को बताया कि दीवार गिरने के समय यांशिका भी उसके साथ वहीं मौजूद थी। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत और तेजी से मलबा हटाना शुरू किया। कुछ ही देर में यांशिका मलबे के नीचे अचेत अवस्था में मिली। उसे तुरंत बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलने पर सोमवार रात को ही नामली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर अस्पताल भिजवाया, जहां मंगलवार सुबह उसका पोस्टमार्टम कराया गया। नामली थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है कि यह हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। जांच के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या प्रशासनिक अनदेखी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Next Story