Delhi News: डिटेंशन वैन के अंदर से पानी मांगते रहे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने किया अनसुना
नई दिल्ली: जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए निकले को पुलिस ने वहां पहुंचने से पहले ही हिरासत में लेना शुरू कर दिया। उन्हे बसों और वैनों मे भरकर दिल्ली में बने अलग-अलग डिटेशन सेंटर भेजा गया। चिलचिलाती धूप में खड़ी वैन और बसो में प्रदर्शनकारियों को गर्मी और उमस ने भी बहुत परेशान किया।
धूप में प्रदर्शनकारियों से भरी वैन खड़ी कीद्वारका सेक्टर-23 डिटेंशन सेंटर में एक वैन आई। एक सीनियर पुलिस अफसर ने वैन को बाहर ही रुकने का इशारा किया। ड्राइवर ने चैन को धूप में खड़ा कर दिया। 10-15 मिनट तक तो प्रदर्शनकारी पैन में आराम से बैठे रहे, लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी उमस और गर्मी से हालत खराब होने लगी।

पुलिस से मांगा पानी लेकिन नहीं सुनी बातमहिला प्रदर्शनकारी वैन की जाली से पास में खड़े पुलिसकर्मियों से पीने के लिए पानी मांगने लगी। पुलिसकर्मियों ने उनकी आवाज सुनकर भी अनसुना कर दिया। प्रदर्शनकारी राहगीरों से चिल्लाकर पानी मांगने लगे, लेकिन पुलिस किसी को वैन के पास रुकने ही नहीं दे रही थी।
डिटेशन सेंटर के बाहर खड़ी रही वैनघंटे-डेढ़ घंटे तक वैन डिटेशन सेंटर के बाहर खड़ी रही और प्रदर्शनकारी परेशान रहे। डिटेंशन सेंटर के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस तैनात थी। प्रदर्शनकारियों को सेक्टर-23 थाने में बेलनेस सेंटर में रखा गया। ममता बनर्जी को सेक्टर-17 नॉर्थ थाने में रखा गया था।
बैरिकेडिंग, खाली बसें और चौकसीमेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के बाहर सुरक्षा का सख्त पहरा था। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट्स प्रदर्शनकारियों को रखने के लिए इसे अस्थायी डिटेशन सेंटर बनाया था। स्टेडियम तक पहुंचने के रास्ते में कई जगह पुलिस चेकपोस्ट मिले।
स्टेडियम के बाहर भारी बैरिकेडिंगइंडिया गेट और जंतर मंतर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते बंद थे। स्टेडियम के बाहर भारी वैरिकेडिंग थी और भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ बसे भी तैयार खड़ी थी। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में से किसी को यहां नहीं लाया गया था। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था, उनमें से अधिकांश को नांगलोई स्थित डिटेशन सेंटर में ले जाया गया था।
नाबालिगों और महिला वकीलों की रिहाई की मांगपुलिस ने विभिन्न इलाकों से आए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नांगलोई स्थित महाराजा सूरजमल स्टेडियम में बनाए गए डिटेशन सेंटर में रखा। सुचका से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को यहां लाया गया। उनसे मिलने के लिए परिजन, परिचित और यकील स्टेडियम के बाहर जुटे रहे।
वकीलों को लिया हिरासत मेंशाम करीब 4:30 बजे महिला वकीलों और सुप्रीम कोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं ने स्टेडियम पहुंचकर हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की। एडवोकेट भावना ने दावा किया कि पुलिस ने उनके कुछ वकील सहकर्मियों को भी हिरासत में लिया है।
NGO ने किया दावाकुछ एनजीओ से जुड़े एडवोकेटने करीब 20 से 22 नाबालिग बच्चों को हिरासत में लेने का दावा किया। जामिया की कुछ छात्राओं ने बताया कि प्रदर्शन के लिए निकलते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद शाम करीब 5:30 बजे तक महिलाओं को रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई।
धूप में प्रदर्शनकारियों से भरी वैन खड़ी कीद्वारका सेक्टर-23 डिटेंशन सेंटर में एक वैन आई। एक सीनियर पुलिस अफसर ने वैन को बाहर ही रुकने का इशारा किया। ड्राइवर ने चैन को धूप में खड़ा कर दिया। 10-15 मिनट तक तो प्रदर्शनकारी पैन में आराम से बैठे रहे, लेकिन थोड़ी ही देर में उनकी उमस और गर्मी से हालत खराब होने लगी।
पुलिस से मांगा पानी लेकिन नहीं सुनी बातमहिला प्रदर्शनकारी वैन की जाली से पास में खड़े पुलिसकर्मियों से पीने के लिए पानी मांगने लगी। पुलिसकर्मियों ने उनकी आवाज सुनकर भी अनसुना कर दिया। प्रदर्शनकारी राहगीरों से चिल्लाकर पानी मांगने लगे, लेकिन पुलिस किसी को वैन के पास रुकने ही नहीं दे रही थी।
डिटेशन सेंटर के बाहर खड़ी रही वैनघंटे-डेढ़ घंटे तक वैन डिटेशन सेंटर के बाहर खड़ी रही और प्रदर्शनकारी परेशान रहे। डिटेंशन सेंटर के चारों तरफ भारी संख्या में पुलिस तैनात थी। प्रदर्शनकारियों को सेक्टर-23 थाने में बेलनेस सेंटर में रखा गया। ममता बनर्जी को सेक्टर-17 नॉर्थ थाने में रखा गया था।
बैरिकेडिंग, खाली बसें और चौकसीमेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के बाहर सुरक्षा का सख्त पहरा था। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट्स प्रदर्शनकारियों को रखने के लिए इसे अस्थायी डिटेशन सेंटर बनाया था। स्टेडियम तक पहुंचने के रास्ते में कई जगह पुलिस चेकपोस्ट मिले।
स्टेडियम के बाहर भारी बैरिकेडिंगइंडिया गेट और जंतर मंतर की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते बंद थे। स्टेडियम के बाहर भारी वैरिकेडिंग थी और भारी संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ बसे भी तैयार खड़ी थी। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों में से किसी को यहां नहीं लाया गया था। जिन लोगों को हिरासत में लिया गया था, उनमें से अधिकांश को नांगलोई स्थित डिटेशन सेंटर में ले जाया गया था।
नाबालिगों और महिला वकीलों की रिहाई की मांगपुलिस ने विभिन्न इलाकों से आए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नांगलोई स्थित महाराजा सूरजमल स्टेडियम में बनाए गए डिटेशन सेंटर में रखा। सुचका से ही बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को यहां लाया गया। उनसे मिलने के लिए परिजन, परिचित और यकील स्टेडियम के बाहर जुटे रहे।
वकीलों को लिया हिरासत मेंशाम करीब 4:30 बजे महिला वकीलों और सुप्रीम कोर्ट के कुछ अधिवक्ताओं ने स्टेडियम पहुंचकर हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की। एडवोकेट भावना ने दावा किया कि पुलिस ने उनके कुछ वकील सहकर्मियों को भी हिरासत में लिया है।
NGO ने किया दावाकुछ एनजीओ से जुड़े एडवोकेटने करीब 20 से 22 नाबालिग बच्चों को हिरासत में लेने का दावा किया। जामिया की कुछ छात्राओं ने बताया कि प्रदर्शन के लिए निकलते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। पुलिस की जांच-पड़ताल के बाद शाम करीब 5:30 बजे तक महिलाओं को रिहा किए जाने की जानकारी सामने आई।
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