पलक झपकते टोल प्लाजा पार, लाइन की झंझट खत्म, दिल्ली-NCR के पहले बैरियर फ्री टोल का रियल टाइम रिव्यू

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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर के पहले बैरियर फ्री होने वाले टोल प्लाजा के रूप में सोमवार से UER-2 पर बने दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल को बैरियर फ्री कर दिया गया। एक मई को गुजरात के चौर्यासी टोल प्लाजा के बाद देश का यह दूसरा टोल प्लाजा है, जिसे केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बैरियर फ्री किया। अब इस टोल से भी गाड़ियां बिना रुके, बिना क्यू में लगे मानवीय हस्तक्षेप के बिना आराम से दौड़ना शुरू हो गईं हैं। इसके बाद अब जल्द ही दिल्ली-एनसीआर के और टोल भी बैरियर फ्री किए जाएंगे। इन पर काम करना शुरू कर दिया गया है।
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फास्टैग से कटे पैसेकेंद्रीय मंत्री गडकरी द्वारा इसकी शुरुआत करने के बाद एनबीटी ने कार में सवार होकर इसका रियल टाइम रिव्यू किया। जिसमें पलक झपकते ही यह टोल पार हो गया। एक बार को तो लगा जैसे की हम फ्री में टोल पार कर गए, लेकिन अगले ही पल गाड़ी पर चिपके फास्टैग से पैसा कटने के मिले मैसेज से पता लग गया कि टोल तो कटा है। मगर, यह मैसेज सुखद लगा, जिसमें इस बात का संतोष रहा कि चलो कम से कम टोल पर गाड़ियों के पीछे तो लाइन में नहीं लगना पड़ा, टोल पर रूकना तो नहीं पड़ा। क्योंकि, गाड़ी चलाते हुए आप बिना रूके आराम से टोल पार कर पा रहे हैं। वेटिंग टाइम एकदम जीरो हो गया।

फर्राटा भरते हुए निकल जाती हैं गाड़ियांहालांकि, 16 लेन का यह टोल प्लाजा एक मायने में गुजरात के चौर्यासी टोल से अलग है। वह यह कि गुजरात वाले टोल में यहां मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा की तरह टोल प्लाजा पर सड़क पर कंक्रीट की अलग-अलग लेन नहीं बनी हुईं हैं। जिससे की गाड़ियां अपनी तय रफ्तार से फर्राटा भरते हुए निकल जाती हैं। लेकिन, यहां इस टोल पर कंक्रीट की लेन बने होने से 80 किलोमीटर प्रति घंटा या इससे अधिक की रफ्तार से दौड़ती गाड़ियों को निकलने में थोड़ी परेशानी होगी, खासतौर से खराब मौसम और रात के वक्त। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो दुर्घटना भी हो सकती है। ऐसे में आपको टोल पार करने के लिए गाड़ी में हल्का सा ब्रेक तो लगाना पड़ेगा। लेकिन, अच्छी बात यह है कि टोल कब पार हो जाएगा। इसका आपको पता ही नहीं लगेगा।

क्यों बैरियर फ्री किया सिस्टमइस टोल पर इस तरह से कंक्रीट की लेन को ना हटाने के पीछे अधिकारियों का कहना है कि असल में इसकी लेन अधिक होने से इसके ऊपर चौर्यासी टोल प्लाजा की तरह गैंट्री नहीं लगाई जा सकती। क्योंकि, गैंट्री लगाई जाती तो उसके बीच में पिलर लगाना पड़ता, जो एक्सीडेंट का कारण बन सकता था। इसी वजह से इस टोल पर यह बैरियर फ्री वाला सिस्टम लगाया गया है।

अब नीचे नहीं आएंगे बैरियरएनएचएआई के मेंबर विशाल चौहान ने बताया कि यह देश का दूसरा मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल प्लाजा
है। जिसे बैरियर फ्री किया गया है। इस टोल पर जो बैरियर लगे हैं। अब वह बैरियर नीचे नहीं आएंगे, उन्हें हमेशा के लिए उपर कर दिया गया है। कुछ दिनों बाद इन्हें यहां से हटा भी दिया जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। यह हाईवे भी बहुत अच्छा बना हुआ है।