फर्जी पहचान, भेष बदलने में माहिर, कानून तो खिलौना, 'सीरियल किलर' अकेली महिलाओं का करता था यूं शिकार
दक्षिण भारत में कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने एक कुख्यात आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आंध्र प्रदेश के तिरुपति में छिपकर रह रहे इस शख्स ने अपनी पहचान बदलकर सालों तक कानून को चकमा दिया लेकिन अब उसकी गिरफ्तारी से कई सनसनीखेज मामलों से पर्दा उठने की उम्मीद है।
आरोपी की पहचान विश्वनाथ के रूप में हुई है, जिसे 13 अप्रैल को हिरासत में लिया गया। उसके साथ उसकी सहयोगी राजम्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, विश्वनाथ कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में कई हत्या और लूट के मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

झूठी पहचान में तिरुपति में छिपकर रह रहा था आरोपीजांच में सामने आया कि आरोपी साल 2024 से तिरुपति में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वह स्थानीय लोगों के बीच इस तरह घुलमिल गया था कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस को उसकी भनक तब लगी जब रामचंद्रपुरम इलाके में एक महिला मुनिश्वरी की हत्या और लूट की जांच शुरू हुई। इसी केस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
अकेली महिलाओं को बनाता था निशानापुलिस जांच में एक खौफनाक पैटर्न सामने आया है। आरोपी उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो अकेली रहती थीं। वह पहले उनसे दोस्ती करता, विश्वास जीतता और फिर मौका मिलते ही उनकी हत्या कर देता। इसके बाद वह घर से सोने के गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था। अधिकारियों ने इसे ‘ट्रस्ट एंड स्ट्राइक’ तरीका बताया है।
ऑटो-रिक्शा से करता था वारदात और ऐसे हुआ खुलासाजांच एजेंसियों के मुताबिक, विश्वनाथ अपराध करने के लिए ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करता था ताकि वह आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सके और शक से बच सके। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आखिरकार उसे ट्रेस कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद करीब 20 लाख रुपये के सोने के गहने बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वह कम से कम 21 गंभीर मामलों में शामिल रहा है और पहले 2018 में केरल में एक हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है, जहां से वह फरार हो गया था।
आरोपी की पहचान विश्वनाथ के रूप में हुई है, जिसे 13 अप्रैल को हिरासत में लिया गया। उसके साथ उसकी सहयोगी राजम्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, विश्वनाथ कर्नाटक, केरल और आंध्र प्रदेश में कई हत्या और लूट के मामलों में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
झूठी पहचान में तिरुपति में छिपकर रह रहा था आरोपीजांच में सामने आया कि आरोपी साल 2024 से तिरुपति में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वह स्थानीय लोगों के बीच इस तरह घुलमिल गया था कि किसी को उस पर शक नहीं हुआ। पुलिस को उसकी भनक तब लगी जब रामचंद्रपुरम इलाके में एक महिला मुनिश्वरी की हत्या और लूट की जांच शुरू हुई। इसी केस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
अकेली महिलाओं को बनाता था निशानापुलिस जांच में एक खौफनाक पैटर्न सामने आया है। आरोपी उन महिलाओं को निशाना बनाता था जो अकेली रहती थीं। वह पहले उनसे दोस्ती करता, विश्वास जीतता और फिर मौका मिलते ही उनकी हत्या कर देता। इसके बाद वह घर से सोने के गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था। अधिकारियों ने इसे ‘ट्रस्ट एंड स्ट्राइक’ तरीका बताया है।
ऑटो-रिक्शा से करता था वारदात और ऐसे हुआ खुलासाजांच एजेंसियों के मुताबिक, विश्वनाथ अपराध करने के लिए ऑटो-रिक्शा का इस्तेमाल करता था ताकि वह आसानी से एक जगह से दूसरी जगह जा सके और शक से बच सके। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने आखिरकार उसे ट्रेस कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद करीब 20 लाख रुपये के सोने के गहने बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि वह कम से कम 21 गंभीर मामलों में शामिल रहा है और पहले 2018 में केरल में एक हत्या के मामले में सजा भी काट चुका है, जहां से वह फरार हो गया था।
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