पोस्टमार्टम में गले में फंसी मिली 250ML की बोतल, शरीर पर 12 चोटों के निशान, लखनऊ में होमगार्ड अभ्यर्थी की मौत का खुलासा
हेमेन्द्र त्रिपाठी, लखनऊ: राजधानी लखनऊ में आयोजित होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी योगेंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। पुलिस ने जिस मौत को शुरुआत में फिजिकल टेस्ट यानी दौड़ के दौरान तबीयत बिगड़ने से हुई सामान्य मौत करार दिया था, वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से होना पाई गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक के गले में 250 मिलीलीटर की एक छोटी प्लास्टिक की बोतल फंसी मिली है। इतना ही नहीं, उसके शरीर पर 12 अलग-अलग स्थानों पर गंभीर चोटों के निशान भी पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर लखनऊ के महानगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है।
35वीं वाहिनी PAC ग्राउंड में हुआ था हादसा
सीतापुर जिले के रामकोट के रहने वाले योगेंद्र सिंह मंगलवार को लखनऊ स्थित 35वीं वाहिनी पीएसी ग्राउंड में होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान मैदान में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस व जिम्मेदार अधिकारियों ने अत्यधिक दौड़ लगाने और सांस फूलने से मौत होने का अंदेशा जताया था। हालांकि, 18 सितंबर को जब विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो तथ्यों ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया।
शरीर पर चोट के 12 निशान
मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि योगेंद्र की मौत दौड़ से नहीं, बल्कि गले में 250 मिलीलीटर की प्लास्टिक की बोतल फंसने के कारण दम घुटने से हुई है। इसके साथ ही शरीर के 12 अलग-अलग हिस्सों पर मिले चोट के निशानों ने इस आशंका को पुख्ता कर दिया है कि मौत से ठीक पहले अभ्यर्थी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई थी। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि वारदात को किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया।
भाई ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई उजागर होने के बाद मृतक के भाई कमल किशोर ने महानगर थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत देकर FIR दर्ज कराई है। कमल किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले इस संगीन वारदात को साधारण मौत बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि योगेंद्र को बेरहमी से पीटा गया और जबरन उसके मुंह में पानी की बोतल ठूंस दी गई, जिससे उसकी सांस रुक गई। पीड़ित परिवार ने पीएसी ग्राउंड में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की तत्काल फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
जांच जारी
एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पांच पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष व गहन जांच कर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक के गले में 250 मिलीलीटर की एक छोटी प्लास्टिक की बोतल फंसी मिली है। इतना ही नहीं, उसके शरीर पर 12 अलग-अलग स्थानों पर गंभीर चोटों के निशान भी पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद मृतक के भाई की तहरीर पर लखनऊ के महानगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया गया है।
35वीं वाहिनी PAC ग्राउंड में हुआ था हादसा
शरीर पर चोट के 12 निशान
मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि योगेंद्र की मौत दौड़ से नहीं, बल्कि गले में 250 मिलीलीटर की प्लास्टिक की बोतल फंसने के कारण दम घुटने से हुई है। इसके साथ ही शरीर के 12 अलग-अलग हिस्सों पर मिले चोट के निशानों ने इस आशंका को पुख्ता कर दिया है कि मौत से ठीक पहले अभ्यर्थी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई थी। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि वारदात को किसी साजिश के तहत अंजाम दिया गया।
भाई ने दर्ज कराया हत्या का मुकदमा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई उजागर होने के बाद मृतक के भाई कमल किशोर ने महानगर थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की शिकायत देकर FIR दर्ज कराई है। कमल किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले इस संगीन वारदात को साधारण मौत बताकर पल्ला झाड़ने का प्रयास किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि योगेंद्र को बेरहमी से पीटा गया और जबरन उसके मुंह में पानी की बोतल ठूंस दी गई, जिससे उसकी सांस रुक गई। पीड़ित परिवार ने पीएसी ग्राउंड में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की तत्काल फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
जांच जारी
एसीपी महानगर अंकित कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पांच पुलिस अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष व गहन जांच कर रही है।
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