Jamshedpur Census 2027 : जमशेदपुर में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शिविर शुरू, डिजिटल डेटा पर होगा जोर

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News India Live, Digital Desk: भारत की आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। झारखंड के जमशेदपुर में 'जनगणना 2027' (Census 2027) को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी कड़ी में फील्ड ट्रेनर्स (Field Trainers) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आगाज हुआ है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य गणना कार्य में लगे कर्मियों को आधुनिक तकनीकों और डेटा संकलन की बारीकियों से अवगत कराना है।डिजिटल जनगणना के लिए तैयार हो रहे ट्रेनर्सआगामी जनगणना की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह से डिजिटल होना है।
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जमशेदपुर में आयोजित इस कैंप में मास्टर ट्रेनर्स को बताया जा रहा है कि कैसे मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल्स के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी जुटानी है। कागज-कलम की पारंपरिक पद्धति की जगह अब टैबलेट और स्मार्टफोन का इस्तेमाल होगा, जिससे डेटा प्रोसेसिंग की गति बढ़ेगी और गलतियों की गुंजाइश कम होगी।प्रशिक्षण शिविर में इन मुख्य बातों पर जोरप्रशिक्षण शिविर के दौरान फील्ड ट्रेनर्स को जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें मकानों की सूची तैयार करना (House Listing), परिवारों की आर्थिक-सामाजिक स्थिति का डेटा एकत्र करना और गोपनीयता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।
प्रशिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की सटीक जानकारी दर्ज करें, क्योंकि यही डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों का आधार बनेगा।प्रशासन ने कसी कमरजमशेदपुर जिला प्रशासन ने जनगणना के इस महाभियान को लेकर पुख्ता रणनीति तैयार की है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये फील्ड ट्रेनर्स आगे चलकर प्रगणकों (Enumerators) को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के प्रत्येक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को कवर किया जाए और कोई भी परिवार इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से न छूटे।
सुरक्षा और सुगमता के लिए प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर समन्वय समितियों का भी गठन किया है।2027 की जनगणना क्यों है खास?कोरोना महामारी के कारण पिछली जनगणना में हुई देरी के बाद अब 2027 की जनगणना पर पूरे देश की नजर है। यह जनगणना न केवल जनसंख्या के आंकड़े देगी, बल्कि देश की बदलती आर्थिक स्थिति, साक्षरता दर और डिजिटल पहुंच की वस्तविक तस्वीर भी पेश करेगी। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर के लिए ये आंकड़े और भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसी के आधार पर आगामी वर्षों में बुनियादी सुविधाओं और संसाधनों का आवंटन किया जाएगा।