मोदी और ट्रंप के बीच तनावपूर्ण समय में महत्वपूर्ण फोन वार्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 14 अप्रैल को 40 मिनट की एक महत्वपूर्ण फोन कॉल हुई। इस वार्ता की जानकारी अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने साझा की। यह इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच तीसरी बार हुई बातचीत है, और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दूसरी बार हुई है।
पिछली बातचीत की प्रगति
इससे पहले, 2 फरवरी को दोनों नेताओं ने व्यापार समझौते में हुई प्रगति की जानकारी साझा की थी। इसके बाद, 24 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की गई थी। अब यह तीसरी वार्ता हुई है।
राजदूत गोर ने बताया कि ट्रंप ने मोदी को पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी का मुद्दा भी शामिल था। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
मोदी ने इस बातचीत के बारे में एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की और 'होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखने' पर जोर दिया।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हाल ही में हुई बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला है। युद्धविराम की स्थिति बनी हुई है, और दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं। 22 अप्रैल तक युद्धविराम जारी रहेगा।
महत्वपूर्ण समय
यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बहुत अधिक है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया के तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, यदि बंद होता है तो वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देश व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। मोदी और ट्रंप की यह बातचीत दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।