बागवानी के लिए देसी उपाय: पौधों को हरा-भरा रखने के सरल तरीके
पारंपरिक बागवानी समाधान: यदि आप बागवानी के शौकीन हैं और फल, सब्जियां या फूलों के पौधे लगाते हैं, तो आपको कुछ देसी घोलों के बारे में जानना चाहिए। अक्सर पौधे सूख जाते हैं या उनमें फल-फूल और सब्जियां ठीक से नहीं उगते, जिसका मतलब है कि उन्हें सही पोषण नहीं मिल रहा है।
मट्ठा या दही का घोल
पौधों की बेहतर वृद्धि के लिए एक बड़ी बाल्टी में 1 लीटर मट्ठा या 1 किलो दही डालें। जितना दही या मट्ठा लिया है, उतना ही पानी मिलाएं और इसे ढककर 10 दिन के लिए रख दें। 10 दिन बाद, इस घोल में लगभग 8 लीटर पानी मिलाकर पतला घोल तैयार करें। इसे छानकर पौधों में डालें और हर 15 दिन में दोहराएं।
गोबर का पानी
सभी प्रकार के पौधों के लिए गोबर एक उत्कृष्ट खाद है। 1 किलो पुराने गोबर को 5 लीटर पानी में मिलाएं और 24 घंटे के लिए ढककर रखें। इसे छलनी से छानकर पौधों में डालें। यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और पत्तियां हरी-भरी रहती हैं।
नीम तेल
1 चम्मच नीम के तेल को 1 लीटर पानी में मिलाएं। गुनगुने पानी का उपयोग करें ताकि यह अच्छे से मिल जाए। इसे स्प्रे बोतल में डालकर सभी पौधों की पत्तियों पर दोनों तरफ अच्छी तरह स्प्रे करें। इस प्रक्रिया को कम से कम हर 10 दिन में दोहराना चाहिए।