सरपंच प्रत्याशी का नामांकन खारिज, बाकी उम्मीदवारों ने भी वापस लिए नाम: पंचायत में नहीं हुआ पंच-सरपंच का चुनाव, बोले- चुनाव लड़ते तो खत्म हो जाता भाईचारा
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक ग्राम पंचायत में पंच और सरपंच पद के लिए चुनाव ही नहीं हो सका। सरपंच पद के एक प्रत्याशी का नामांकन फॉर्म खारिज हो गया, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके चलते पंचायत में चुनाव कराने की नौबत ही नहीं आई। इस घटनाक्रम की चर्चा इलाके में हो रही है।
मामला ऐसी ग्राम पंचायत से जुड़ा है, जहां ग्रामीणों ने आपसी सहमति और भाईचारे को चुनावी मुकाबले से ऊपर रखा।
सरपंच प्रत्याशी का फॉर्म हुआ खारिज
जानकारी के अनुसार, पंचायत में सरपंच पद के लिए एक उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, जांच के दौरान उसका नामांकन फॉर्म खारिज कर दिया गया।
नामांकन वापस लेने के बाद पंचायत में चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया। ऐसे में संबंधित पदों पर मतदान कराने की स्थिति नहीं बनी। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण राजनीति में आपसी सहमति और सामाजिक संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
बोले- चुनाव लड़ते तो खत्म हो जाता भाईचारा
नामांकन वापस लेने वाले उम्मीदवारों का कहना है कि गांव में सभी लोग एक-दूसरे को जानते हैं।
प्रत्याशियों के मुताबिक, चुनाव जीतने या हारने से ज्यादा जरूरी गांव में आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखना है। अगर चुनाव के कारण रिश्तों में खटास आ जाती तो उसका असर लंबे समय तक रहता। इसी सोच के साथ उम्मीदवारों ने चुनाव से पीछे हटने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना मामला
इस पंचायत में चुनाव नहीं होने का मामला आसपास के गांवों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, नामांकन खारिज होने और नाम वापस लेने के बाद संबंधित पदों पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी, यह निर्वाचन नियमों और प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगा।