उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय का षष्ठ दीक्षांत समारोह, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मेधावियों को दी उपाधियां
उज्जैन स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का षष्ठ दीक्षांत समारोह मंगलवार को कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शोधार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का मजबूत आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और संस्कारों का उपयोग समाज के हित में करने का आह्वान किया।
दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध उपाधियां प्रदान की गईं।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया।कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और वैदिक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। आधुनिक समय में भी इसकी उपयोगिता और प्रासंगिकता बनी हुई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यहां से प्राप्त शिक्षा और संस्कार उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगे।