शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी: राजस्थान-हरियाणा के बीच समझौते का मसौदा तैयार, वीडियो में जाने अगले सप्ताह होगा एमओए
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को यमुना का पानी उपलब्ध कराने की बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। पाइपलाइन के जरिए यमुना जल पहुंचाने की योजना पर समझौते (एमओए) का मसौदा तैयार हो गया है। अगले सप्ताह इस परियोजना को लेकर मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
दिल्ली में हुई अहम बैठकमंगलवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil और हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के साथ बैठक की। इस दौरान यमुना जल परियोजना से जुड़े एमओए के प्रमुख बिंदुओं को अंतिम रूप दिया गया।
अगले सोमवार को होगा एमओएबैठक के बाद मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने बताया कि यमुना जल परियोजना का एमओए अगले सोमवार को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना विशेष रूप से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय से पानी की कमी से जूझ रहे इस क्षेत्र को परियोजना के माध्यम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यमुना का पानी पहुंचने से पेयजल संकट कम होगा और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।
सामाजिक और आर्थिक विकास को मिलेगी गतिसरकार का मानना है कि यमुना जल परियोजना से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। इससे लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं मजबूत होंगी।
लंबे समय से थी परियोजना की मांगशेखावाटी क्षेत्र के लोग लंबे समय से यमुना जल परियोजना की मांग कर रहे थे। भूजल स्तर में लगातार गिरावट और पानी की कमी के कारण यह क्षेत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में इस परियोजना को क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
समझौते के बाद तेज होगी प्रक्रियाएमओए पर हस्ताक्षर होने के बाद परियोजना की तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द परियोजना पर काम शुरू कर क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जा सके।