'90 हजार का सामान ले जा रहा हूं, ब्याज सहित 1.17 लाख लौटा दूंगा'; UP के सबसे ईमानदार चोर की चिट्ठी
उत्तर प्रदेश में चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान करने के साथ-साथ मुस्कुराने पर भी मजबूर कर दिया। यहां एक चोर ने चोरी करने के बाद ऐसी चिट्ठी छोड़ी, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। खुद को “ईमानदार चोर” बताने वाले इस शख्स ने लिखा कि वह करीब 90 हजार रुपये का सामान ले जा रहा है, लेकिन जल्द ही ब्याज सहित 1.17 लाख रुपये वापस लौटा देगा।
यह अनोखा मामला सामने आते ही इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
जानकारी के मुताबिक, घटना एक कारोबारी के घर की है। परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। जब लोग वापस लौटे, तो घर का सामान बिखरा मिला और कुछ कीमती वस्तुएं गायब थीं। शुरुआत में परिवार को लगा कि सामान्य चोरी हुई है, लेकिन तभी उनकी नजर एक कागज पर पड़ी। उस चिट्ठी में चोर ने बेहद शांत अंदाज में अपना संदेश लिखा था।
चिट्ठी में लिखा था, “मैं मजबूरी में आपका लगभग 90 हजार रुपये का सामान ले जा रहा हूं।
जैसे ही मेरे हालात ठीक होंगे, मैं ब्याज सहित 1 लाख 17 हजार रुपये वापस लौटा दूंगा।” इतना ही नहीं, चोर ने यह भी लिखा कि वह किसी का बुरा नहीं चाहता और परिस्थितियों ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर किया।परिवार के लोगों ने जब यह चिट्ठी पढ़ी, तो वे भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और चिट्ठी को भी अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि लिखावट और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच यह मामला काफी चर्चा में है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि चाहे चोर ने कैसी भी बात लिखी हो, चोरी अपराध है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ कहा कि कानून अपने तरीके से काम करेगा और आरोपी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार अपराधी लोगों की सहानुभूति पाने के लिए इस तरह के तरीके अपनाते हैं।
फिलहाल पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं यह अनोखी चिट्ठी सोशल मीडिया पर लोगों के लिए चर्चा और मनोरंजन का विषय बनी हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि अपराध की दुनिया में भी कभी-कभी ऐसे किस्से सामने आ जाते हैं, जो लोगों को हैरानी में डाल देते हैं। हालांकि कानून की नजर में चोरी आखिर चोरी ही होती है, चाहे उसके पीछे कितनी भी “ईमानदारी” क्यों न दिखाई जाए।