रांची की बेटी दुबई में बंधक, मां ने विदेश मंत्रालय से लगाई गुहार
दुबई में नौकरी दिलाने के नाम पर भेजी गई रांची की एक महिला को बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि छोटा घाघरा निवासी मोनिका को बेहतर रोजगार का झांसा देकर संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया था। लेकिन वहां पहुंचने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। महिला का पासपोर्ट कथित तौर पर जब्त कर लिया गया और उसे अपनी इच्छा के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर किया गया।
बताया जा रहा है कि मोनिका को विदेश में अच्छी नौकरी और बेहतर कमाई का भरोसा दिलाया गया था।
परिजनों के अनुसार, यूएई पहुंचने के बाद मोनिका का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया। पासपोर्ट किसी व्यक्ति के पास होने के कारण वह अपनी मर्जी से भारत वापस नहीं लौट पा रही थीं। आरोप है कि उनसे लगातार काम कराया जाता था और विरोध करने पर दबाव बनाया जाता था।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर मोनिका को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है। विदेश में नौकरी के नाम पर लोगों के साथ होने वाली ऐसी घटनाएं एक गंभीर चिंता का विषय हैं। खासतौर पर विदेश भेजने से पहले एजेंट, नौकरी देने वाली कंपनी और वीजा से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच करना जरूरी माना जाता है।
विदेश में फंसने वाले भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों से संपर्क किया जा सकता है।
फिलहाल यह मामला सामने आने के बाद पीड़िता को यूएई से सुरक्षित वापस लाने की कोशिशों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। साथ ही, नौकरी के नाम पर महिला को विदेश भेजने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जरूरत है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मानव तस्करी, धोखाधड़ी या जबरन श्रम से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई का मामला बन सकता है।