पश्चिम बंगाल चुनाव: पहले चरण में 2,407 कंपनियों की तैनाती, मुरशिदाबाद सबसे अधिक फोकस में

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। इसके तहत कुल 2,407 कंपनियां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनात की जाएंगी। यह तैनाती 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए की जा रही है।

चुनाव आयोग के अनुसार, यह भारी सुरक्षा व्यवस्था राज्य के संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं को सुरक्षित वातावरण देने के उद्देश्य से की गई है। आयोग ने सभी जिलों में अलग-अलग सुरक्षा जरूरतों के आधार पर बलों का वितरण तय किया है।

मुरशिदाबाद सबसे संवेदनशील जिला

सुरक्षा योजना में मुरशिदाबाद जिला सबसे बड़ा फोकस क्षेत्र

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बना हुआ है। यहां कुल 316 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिसमें मुरशिदाबाद पुलिस जिला में 240 और जंगीपुर क्षेत्र में 76 कंपनियां शामिल हैं।

इसके अलावा पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, मालदा, बीरभूम और अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जाएंगे। आयोग का कहना है कि यह वितरण “वेद्यता मूल्यांकन (vulnerability assessment)” के आधार पर किया गया है।

सुरक्षा का बड़ा नेटवर्क तैयार

पहले चरण में उत्तर बंगाल के लगभग सभी जिले—दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरदुआर, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर—सहित दक्षिण बंगाल के कई संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं। इस व्यापक तैनाती का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी को रोकना है।

चुनाव आयोग ने बताया कि यह कदम पिछले चुनावों में सामने आई घटनाओं और क्षेत्रीय संवेदनशीलता को देखते हुए उठाया गया है, ताकि सभी मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

मतदान से पहले सख्त निगरानी

चुनाव से पहले ही कई इलाकों में केंद्रीय बलों द्वारा रूट मार्च और फ्लैग मार्च शुरू कर दिए गए हैं। इससे स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ाने और संभावित असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया गया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।