बांग्लादेश में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग, पवन कल्याण ने उठाई आवाज़
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Pawan Kalyan ने बांग्लादेश में हिरासत में लिए गए हिंदू संत Chinmoy Krishna Das की तत्काल रिहाई की मांग की है। पवन कल्याण ने इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लेते हुए अपनी चिंता और नाराज़गी जाहिर की है।
500 से अधिक दिनों से हिरासत में संतपवन कल्याण ने अपने बयान में कहा कि संत चिन्मय कृष्ण दास को पिछले 500 से अधिक दिनों से हिरासत में रखा गया है, जो गंभीर मानवाधिकार चिंता का विषय है।
उनके अनुसार, यह मुद्दा केवल एक व्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
सोशल मीडिया पर उठाई आवाज़उपमुख्यमंत्री ने इस मामले को सार्वजनिक रूप से उठाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ का उपयोग किया। अपने पोस्ट में उन्होंने संत की रिहाई की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करने की कोशिश की।
पवन कल्याण ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को लंबे समय तक बिना निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के हिरासत में रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियापवन कल्याण के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उनके समर्थकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह मानवाधिकारों के पक्ष में एक मजबूत संदेश है।
वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाने से कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा बढ़ सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस को जन्म दे दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म या विचारों के आधार पर लंबे समय तक हिरासत में रखना गंभीर चिंता का विषय है।
पवन कल्याण ने भी अपने बयान में यह संकेत दिया कि यह मुद्दा केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक मानवाधिकार मूल्यों से जुड़ा हुआ मामला है।