भरतपुर की किसान लक्ष्मी देवी बनीं प्रेरणा, पारंपरिक खेती से आधुनिक कृषि तक का सफर

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राजस्थान के भरतपुर जिले के गांव सिंघाड़ा की रहने वाली किसान लक्ष्मी देवी ने अपनी मेहनत और नवाचार से खेती को लाभ का व्यवसाय बना दिया है। कभी पारंपरिक खेती तक सीमित रहीं लक्ष्मी देवी आज आधुनिक और एकीकृत कृषि के जरिए बेहतर आय हासिल कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले तक लक्ष्मी देवी अपने करीब 1.5 हेक्टेयर खेत में केवल गेहूं जैसी पारंपरिक फसलें उगाती थीं, जिससे सीमित आमदनी ही हो पाती थी।

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लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने कृषि के नए तरीकों को अपनाया और खेती के ढांचे में बदलाव किया।

उन्होंने आधुनिक तकनीक, मिश्रित खेती और एकीकृत कृषि प्रणाली की ओर कदम बढ़ाया, जिसमें फसल के साथ-साथ पशुपालन और अन्य सहायक गतिविधियों को भी शामिल किया गया। इससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई और खेती अधिक लाभकारी बन गई।

लक्ष्मी देवी की सफलता ने आसपास के किसानों को भी प्रेरित किया है। गांव के कई किसान अब उनकी देखरेख में नई तकनीकों को अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की एकीकृत खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इससे न केवल उत्पादन बढ़ता है, बल्कि किसानों की आय में भी स्थिरता आती है।

फिलहाल लक्ष्मी देवी का यह मॉडल क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है, जो यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से छोटी जोत वाली खेती भी लाभदायक हो सकती है।