आंध्र प्रदेश के श्री सिटी फार्मा हादसे में बड़ा मोड़, टैबलेट्स इंडिया ने खुद को घटना से पूरी तरह अलग बताया

आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित श्री सिटी विशेष आर्थिक क्षेत्र की एक फार्मास्युटिकल निर्माण इकाई में हाल ही में एक दर्दनाक हादसा देखने को मिला। इस कारखाने में अचानक बॉयलर फटने की वजह से बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें पांच कर्मचारियों की जान चली गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर भ्रम का माहौल बन गया था। इसी गलतफहमी को दूर करने के लिए टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड ने अपना एक स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे इस दुखद हादसे की सही और सटीक जानकारी ही साझा करें।
Hero Image


हादसे के बाद क्यों पैदा हुई भ्रम की स्थिति

दरअसल इस पूरे विवाद और भ्रम की मुख्य वजह दो अलग-अलग कंपनियों के नाम में पाई जाने वाली समानता है। हादसे के तुरंत बाद आई कुछ शुरुआती खबरों में श्री सिटी वाली इकाई को गलती से टैबलेट्स इंडिया या टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड हेल्थकेयर के रूप में संबोधित कर दिया गया था। इस वजह से लोगों के मन में यह बात बैठ गई कि यह दुर्घटना टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड के परिसर में ही हुई है। कंपनी को जब इस बात का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत आगे आकर अपनी स्थिति पूरी तरह से साफ की।


कंपनी ने स्पष्टीकरण में क्या कहा

टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड ने अपने आधिकारिक बयान में यह पूरी तरह से स्पष्ट किया है कि श्री सिटी में उनकी कोई भी फैक्टरी या निर्माण इकाई मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि टीआईएल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड और टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड दो एकदम अलग और स्वतंत्र कंपनियां हैं। इन दोनों के बीच मालिकाना हक या प्रबंधन का कोई भी संबंध नहीं है। कंपनी ने कहा कि उनका यह कदम केवल सच को सामने लाने और आम जनता के बीच फैल रही गलतफहमी को दूर करने के लिए उठाया गया है।


श्री सिटी में क्या हुआ था

श्री सिटी स्थित कारखाने में यह भीषण विस्फोट शनिवार की सुबह हुआ था। धमाका इतना तेज था कि इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे की सूचना मिलते ही राहत टीम, पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह अंदेशा जताया गया है कि बॉयलर में पानी की कमी के कारण यह तकनीकी खराबी हुई होगी। हालांकि जांच एजेंसियां अभी यांत्रिक खराबी और मानवीय चूक दोनों ही पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं।

प्रशासन की कार्रवाई और संवेदनाएं

राज्य सरकार ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच के तहत औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने के आरोप में एक बॉयलर निरीक्षक को निलंबित भी कर दिया गया है। इस दुखद घड़ी में टैबलेट्स इंडिया लिमिटेड ने हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से यह खास अनुरोध भी किया है कि वे रिपोर्टिंग के दौरान दोनों अलग-अलग कंपनियों के नामों का ध्यान रखें ताकि जनता में कोई भ्रम न फैले।