तमिलनाडु के Chief Minister MK Stalin ने एक बहुत बड़ा और अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। सरकार ने करीब 40 लाख लोगों के बैंक खातों में 8,000 रुपये तक भेजे हैं। ये कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य में चुनाव बहुत करीब आ गए हैं और सभी पार्टियां अपनी तैयारी कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस योजना का सीधा फायदा बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को मिलेगा। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देखें तो कुल मिलाकर 37.79 लाख लोगों को इस नई मदद का सीधा फायदा मिला है। इतने बड़े पैमाने पर लोगों के बैंक खातों में पैसे पहुंचने से लोगों को काफी राहत मिली है।
किसको कितने पैसे मिले
मुख्यमंत्री दफ्तर से जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक मार्च महीने की आम पेंशन के साथ एक खास रकम भी जोड़ कर दी गई है। राज्य के करीब 29.29 लाख बुजुर्गों और बेसहारा विधवा महिलाओं को उनकी 1,200 रुपये की पुरानी पेंशन के साथ 2,000 रुपये और दिए गए हैं। इसका सीधा मतलब ये है कि उन सभी के बैंक खाते में इस बार कुल 3,200 रुपये आए हैं। वहीं, शारीरिक रूप से कमजोर 5.92 लाख लोगों को 3,500 रुपये मिले हैं। इसमें 1,500 रुपये उनकी पेंशन है और 2,000 रुपये सरकार की तरफ से अलग से दिए गए हैं। इसके अलावा जिन लोगों को बहुत ज्यादा और खास देखभाल की जरूरत होती है, ऐसे 2.58 लाख लोगों के खाते में पूरे 4,000 रुपये भेजे गए हैं ताकि उन्हें अपनी जरूरतें पूरी करने में कोई परेशानी ना हो।
मछुआरों के लिए खास मदद
मुख्यमंत्री ने पेंशन लेने वालों के अलावा काम करने वाले दूसरे लोगों के लिए भी बहुत बड़ी बात बताई है। सब जानते हैं कि जब अप्रैल से जून के बीच समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक होती है, तब मछुआरों को रोजी-रोटी की बहुत परेशानी होती है। उनकी इसी परेशानी को देखते हुए सरकार ने 1,62,900 मछुआरा परिवारों को 8,000 रुपये देने का फैसला किया है। ये 8,000 रुपये की रकम हर एक परिवार को मिलेगी। इसके साथ ही नीलगिरी जिले के 14,870 छोटे चाय किसानों की मदद करने के लिए 8.53 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं, जिससे इन किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल सके और उनका नुकसान ना हो।
महिलाओं के लिए बड़ी योजना
इन सब बातों से कुछ ही दिन पहले सरकार ने महिलाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा काम किया था। कलैगनार महिला अधिकार योजना के तहत 5,000 रुपये देने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश लिखकर बताया कि समाज के गरीब और पिछड़े लोगों की मांग पर ये पैसे उन्हें दिए गए हैं। सरकार का पक्का वादा है कि तमिलनाडु के विकास के रास्ते पर कोई भी इंसान पीछे नहीं छूटेगा और सबको आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। ये योजना महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है।
खाते में आए 5000 रुपये
अगर थोड़ा पीछे जाएं तो करीब दो हफ्ते पहले भी एक बहुत बड़ा काम हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री ने आदेश दिया था कि 1.3 करोड़ महिलाओं के खाते में 5,000 रुपये जमा किए जाएं। राज्य में हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये की मदद वाली योजना के तहत तीन महीने के पैसे एक साथ एडवांस में दिए गए थे। साथ ही गर्मियों के मौसम के लिए 2,000 रुपये अलग से दिए गए थे। उस समय स्टालिन ने कहा था कि बीजेपी कानूनी तरीके अपनाकर योजना को रोकने की कोशिश कर रही है। इसलिए सरकार ने बिना कोई देरी किए चुनाव से पहले ही पैसे भेज दिए ताकि महिलाओं को मिलने वाली मदद में कोई रुकावट ना आए।
चुनाव का समय
आज के समय में तमिलनाडु में जल्द ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। इस बार चार बड़ी पार्टियों के बीच बहुत ही कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। मशहूर फिल्म एक्टर विजय भी अपनी नई पार्टी टीवीके के साथ पहली बार चुनाव के मैदान में आ रहे हैं, जिससे ये मुकाबला और भी नया हो गया है। विजय को चाहने वाले बहुत सारे लोग हैं, जिनमें राज्य के युवा और महिलाएं बहुत बड़ी तादाद में हैं। इसलिए मौजूदा सरकार भी अपनी अलग-अलग योजनाओं के जरिए इन लोगों को अपने साथ जोड़ने की पूरी कोशिश कर रही है। ये पैसे भेजने का समय भी बहुत खास है और इसी वजह से सभी राजनीतिक दल इस काम पर बहुत बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
लोगों पर सीधा असर
सरकार के इस कदम से आम लोगों की जिंदगी पर बहुत सीधा और बड़ा असर पड़ने वाला है। जब हाथ में पैसे आते हैं तो गरीब परिवारों की कई जरूरतें पूरी हो जाती हैं। बुजुर्ग लोग अपनी दवाइयां ला सकते हैं और महिलाएं अपने घर का खर्च आसानी से चला सकती हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि चुनाव से पहले कोई भी ऐसा परिवार ना बचे जिसे सरकारी योजनाओं का फायदा ना मिला हो। चुनाव के नतीजे जो भी हों, लेकिन फिलहाल इस आर्थिक मदद से लाखों लोगों के चेहरों पर खुशी जरूर आई है और उनका जीवन थोड़ा आसान हुआ है।