श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश पर्व का ऐतिहासिक महत्व, संदेश और मनाने का तरीका
सिख धर्म सिर्फ एक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है और इस मार्ग का सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है श्री गुरु ग्रंथ साहिब, जो सिखों के 11वें और शाश्वत गुरु हैं। यह कोई साधारण धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि 10 सिख गुरुओं और विभिन्न धर्मों के संतों की शिक्षाओं का एक अनमोल संग्रह है, जिसमें मानवता, समानता और प्रेम का संदेश निहित है। हर साल, इस पवित्र ग्रंथ के पहले 'प्रकाश' को 'पहला प्रकाश पर्व' के रूप में मनाया जाता है, जो हमें गुरुओं की अनमोल वाणी और उनके सिद्धांतों को याद दिलाता है।
एक ईश्वर: गुरु ग्रंथ साहिब की शुरुआत "इक ओंकार" (ईश्वर एक है) से होती है। यह हमें सिखाता है कि सभी मानव एक ही परमपिता परमेश्वर की संतान हैं।
कर्म की महत्ता: यह ग्रंथ कर्म पर जोर देता है और हमें ईमानदारी, सेवा और परोपकार का मार्ग दिखाता है।
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पहला प्रकाश पर्व का ऐतिहासिक महत्व
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब का महत्व
एक ईश्वर: गुरु ग्रंथ साहिब की शुरुआत "इक ओंकार" (ईश्वर एक है) से होती है। यह हमें सिखाता है कि सभी मानव एक ही परमपिता परमेश्वर की संतान हैं।
कर्म की महत्ता: यह ग्रंथ कर्म पर जोर देता है और हमें ईमानदारी, सेवा और परोपकार का मार्ग दिखाता है।
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