CBSE Board Result 2026: 10वीं और 12वीं का परिणाम कैसे चेक करें? यहाँ जानें पूरी प्रक्रिया

अगर आपके घर में कोई छात्र इस साल CBSE की 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहा है, तो आपको नतीजों के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। फिलहाल ऐसा लग रहा है कि अप्रैल के महीने में रिजल्ट आने की उम्मीद कम है। माना जा रहा है कि बोर्ड मई के महीने में परिणामों की घोषणा कर सकता है। पिछले साल भी CBSE ने 10वीं और 12वीं के नतीजे मई में ही जारी किए थे।
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जैसे ही नतीजे घोषित होंगे, छात्र उन्हें आसानी से देख पाएंगे। छात्र डिजिलॉकर, SMS और मोबाइल ऐप के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट्स cbse.gov.in और results.cbse.nic.in पर जाकर भी विषयवार नंबर देखे जा सकते हैं। हालांकि, रिजल्ट की सही तारीख को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

रिजल्ट चेक करने के अलग-अलग तरीके

CBSE 10वीं और 12वीं के छात्र कई तरीकों से अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं। कई बार रिजल्ट जारी होते ही वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ जाता है जिससे तकनीकी दिक्कतें आने लगती हैं। ऐसी स्थिति में छात्र उमंग (UMANG) ऐप, SMS सेवा और IVRS सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी विकल्प काफी आसान हैं और कम इंटरनेट स्पीड में भी काम करते हैं।


ऐसे चेक करें अपना परीक्षा परिणाम

अपना रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या results.cbse.nic.in पर जाएं। इसके बाद होमपेज पर दिए गए "CBSE 10th Result 2026" या "CBSE 12th Result 2026" के लिंक पर क्लिक करें।

अब एक नया पेज खुलेगा जहाँ आपको अपनी डिटेल्स भरनी होंगी। यहाँ अपना रोल नंबर, स्कूल कोड, एडमिट कार्ड आईडी और जन्म तिथि दर्ज करें और 'सबमिट' बटन पर क्लिक कर दें। आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा।


मार्कशीट में दी गई जरूरी जानकारी

CBSE की मार्कशीट में कई महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं। इसमें छात्र का नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि के साथ स्कूल का नाम और कोड शामिल होता है। इसके अलावा हर विषय में मिले अंक और ग्रेड, पास या फेल होने का स्टेटस, CGPA या प्रतिशत और इंटरनल असेसमेंट के नंबर भी दिए होते हैं। इसलिए रिजल्ट चेक करते समय इन सभी विवरणों को ध्यान से जरूर देखें।

पास होने के लिए कितने नंबर हैं जरूरी?

CBSE के नियमों के मुताबिक, छात्रों को पास होने के लिए हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं। अगर किसी विषय में थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों हैं, तो दोनों सेक्शन में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। साथ ही छात्र का ओवरऑल प्रदर्शन भी पासिंग क्राइटेरिया के अनुरूप होना चाहिए। अगर कोई छात्र बहुत ही कम अंतर से फेल हो रहा हो, तो बोर्ड उसे पास करने के लिए ग्रेस मार्क्स भी दे सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल छात्रों की सुविधा के लिए दी गई है। परीक्षा परिणामों और तारीखों से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए हमेशा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही भरोसा करें। किसी भी तकनीकी गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।