Deepspatial ने बढ़ाया भारत में अपना दायरा, शोध और शिक्षा के लिए IIT Tirupati तथा OneIndia से मिलाया हाथ

कनाडा की कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी Deepspatial ने भारत में दो नए समझौते किए हैं। कंपनी ने IIT Tirupati Navavishkar I-Hub Foundation और डिजिटल समाचार मंच OneIndia के साथ साझेदारी की है। इन समझौतों का उद्देश्य भू-स्थानिक तकनीक से जुड़े शोध को बढ़ावा देना, तकनीकी कौशल विकसित करना और छात्रों को विश्वसनीय समाचारों से जोड़ना है।
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इन समझौतों पर 16 अक्टूबर को बेंगलुरु में कनाडा के व्यापार मिशन के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इस मिशन का नेतृत्व कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने किया। कनाडा के अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे के दौरान करीब 30 करोड़ कनाडाई डॉलर के 34 व्यावसायिक समझौतों, साझेदारियों और निवेश संबंधी घोषणाओं की जानकारी दी गई।

शोध और शिक्षा पर केंद्रित हैं दोनों साझेदारियां

Deepspatial की दोनों नई साझेदारियां अलग-अलग क्षेत्रों में काम करेंगी। IIT Tirupati के प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र के साथ सहयोग के तहत भू-स्थानिक तकनीक, शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, OneIndia के साथ साझेदारी के जरिए edskExpress मंच पर छात्रों को रोजाना समाचार और समसामयिक घटनाओं से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।


दोनों समझौतों को कनाडा के व्यापार मिशन की आधिकारिक जानकारी में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अंतर्गत शामिल किया गया है।

Deepspatial के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राहुल कुशवाह ने कहा कि इन साझेदारियों से कंपनी की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी।


"ये साझेदारियां Deepspatial की उस योजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसके तहत कंपनी भू-स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित निर्णय संबंधी तकनीक का विस्तार करना और वास्तविक जीवन में उपयोगी समाधान विकसित करना चाहती है। IIT Tirupati Navavishkar I-Hub Foundation के साथ हमारा सहयोग शोध, नवाचार और प्रतिभा विकास से जुड़े तंत्र को मजबूत करेगा। वहीं, OneIndia के साथ साझेदारी से edskExpress के माध्यम से छात्रों की शिक्षा में विश्वसनीय सामग्री और डिजिटल माध्यमों की समझ की भूमिका बढ़ेगी। ये दोनों पहल तकनीक, संस्थानों की विशेषज्ञता और उद्योग जगत की साझेदारियों को जोड़कर अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधान तैयार करने के हमारे व्यापक लक्ष्य को दर्शाती हैं। भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर तलाशने के साथ हमारा ध्यान ऐसे मजबूत नवाचार तंत्र के निर्माण पर बना रहेगा, जो उन्नत तकनीक को मापे जा सकने वाले परिणामों में बदल सके।"

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IIT Tirupati के साथ भू-स्थानिक तकनीक में शोध और कौशल विकास

IIT Tirupati Navavishkar I-Hub Foundation के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थान भू-स्थानिक तकनीक, भौगोलिक सूचना प्रणाली, स्थान निर्धारण प्रणालियों और स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

इस साझेदारी में संयुक्त शोध एवं विकास, तकनीक का व्यावसायिक उपयोग, नए उद्यमों को बढ़ावा देना, पेशेवर कौशल विकास और शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करना शामिल है। इसका उद्देश्य शोध को व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ना और नई तकनीकों के व्यापक इस्तेमाल के लिए अवसर तैयार करना है।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Deepspatial का वैश्विक मार्गदर्शन कार्यक्रम Xploor होगा। इसे SPIN Labs नेटवर्क के माध्यम से शुरू करने की योजना है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत कर रहे युवाओं को भू-स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आंकड़ा विज्ञान का व्यावहारिक अनुभव देना है।


कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वास्तविक जीवन की उन चुनौतियों पर काम करने का अवसर मिलेगा, जिनमें स्थान से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है। इससे उन्हें तकनीकी ज्ञान को व्यवहार में लागू करने और उद्योग की जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।

इस समझौते पर IIT Tirupati के प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र के परियोजना निदेशक डॉ. रोशन के. श्रीवास्तव और डॉ. राहुल कुशवाह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर IITTNiF की वरिष्ठ कार्यकारी सहायक तुलिका साहा और Deepspatial के मुख्य विपणन अधिकारी सौरभ त्यागी भी मौजूद थे।

डॉ. रोशन के. श्रीवास्तव ने कहा कि इस सहयोग से शोध, नवाचार और उद्योग जगत को करीब लाकर उपयोगी भू-स्थानिक समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी।

"Deepspatial के साथ हमारा सहयोग शोध, नवाचार और उद्योग को एक साथ लाकर उपयोगी भू-स्थानिक और स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी के जरिए हमारा लक्ष्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में भारत और कनाडा के सहयोग को मजबूत करना, तकनीक के विकास और व्यावसायिक उपयोग की प्रक्रिया को तेज करना तथा नए उद्यमों, शोधकर्ताओं और युवा नवाचारकर्ताओं के लिए नए अवसर तैयार करना है। IIT Tirupati के प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (IITTNiF) में हमारा ध्यान शोध को वास्तविक दुनिया में उपयोगी क्षमताओं में बदलने पर है। हमें उम्मीद है कि इस सहयोग से सार्थक परिणाम सामने आएंगे।"

OneIndia के जरिए छात्रों तक पहुंचेंगी रोजाना खबरें

Deepspatial ने अपनी दूसरी साझेदारी OneIndia के साथ की है। इस समझौते के तहत डिजिटल समाचार मंच का संचालन करने वाली Greynium Information Technologies Private Limited, edskExpress के लिए रोजाना समाचार और समसामयिक घटनाओं से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराएगी।


इस मंच का उद्देश्य छात्रों को अपने आसपास की घटनाओं के साथ-साथ देश और दुनिया में हो रहे बदलावों से जोड़ना है। इसके जरिए छात्रों में समाचार पढ़ने की आदत विकसित करने, जानकारी को सही तरीके से समझने, तथ्यों की जांच करने और खबरों की विश्वसनीयता परखने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

छात्रों को भरोसेमंद पत्रकारिता पढ़ने के साथ-साथ खबरों में दी गई जानकारी पर सवाल उठाने, समसामयिक विषयों को गहराई से समझने और अपने समुदाय की घटनाओं पर खबरें तैयार करने का अवसर भी मिलेगा।

इस पहल में समाचारों को केवल पढ़ने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की योजना है। इससे छात्रों को मीडिया की भूमिका समझने और जानकारी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

इस समझौते पर OneIndia के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवणन एन. और डॉ. राहुल कुशवाह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर OneIndia के सामग्री रणनीति एवं आय संवर्धन विभाग के वरिष्ठ निदेशक जेम्स पीजे और Deepspatial के मुख्य विपणन अधिकारी सौरभ त्यागी भी मौजूद थे।

इस पहल के पीछे की सोच बताते हुए रवणन एन. ने कहा:


"भरोसेमंद समाचारों का सफर केवल समाचार कक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें कक्षाओं तक भी पहुंचना चाहिए। OneIndia में हम हर दिन सामग्री तैयार करने का काम करते हैं और इस दौरान एक बात पर हमारा ध्यान बार-बार जाता है कि सकारात्मक समाचारों का अर्थ हल्की या कम महत्वपूर्ण खबरें नहीं है। किसी युवा पाठक के लिए यह देखना कि कौन-सी चीज अच्छी तरह काम कर रही है और उसे सफल बनाने में किसका योगदान है, बदलाव को संभव मानने की उम्मीद पैदा करता है। edskExpress के साथ हमारी पहल के पीछे यही सोच है। छात्र भरोसेमंद पत्रकारिता पढ़ेंगे, उस पर सवाल उठाएंगे और अपनी खबरें भी तैयार करेंगे। प्रभाव पैदा करने वाली पत्रकारिता की शुरुआत कम उम्र से ही होती है।"

कनाडा के व्यापार मिशन में 34 समझौतों की घोषणा

Deepspatial के ये समझौते भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं। कनाडा के वैश्विक मामलों के विभाग के अनुसार, यह तीन दशकों में भारत के लिए आयोजित सबसे बड़ा कनाडाई व्यापार मिशन था। इसके तहत कनाडा के करीब 300 प्रतिनिधियों ने मुंबई और बेंगलुरु का दौरा किया।

इस मिशन में कुल 34 व्यावसायिक समझौतों, साझेदारियों और निवेश संबंधी घोषणाओं की जानकारी दी गई। इनमें से 11 घोषणाएं मुंबई और 23 बेंगलुरु में हुईं। इन सभी का अनुमानित संयुक्त मूल्य करीब 30 करोड़ कनाडाई डॉलर था।

इन समझौतों का दायरा कई प्रमुख क्षेत्रों तक फैला था। इनमें विमानन एवं अंतरिक्ष, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा परिवर्तन, शिक्षा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचा, जीवन विज्ञान और पर्यटन शामिल थे।

भारत की ओर से Tata Projects, GMR Aero Technic, Adani Ports and SEZ, KPMG India, Aditya Birla Insulators और Apollo Health Resources जैसी कंपनियों ने भाग लिया। शैक्षणिक संस्थानों में IIT Tirupati, IISER Tirupati और IIT Roorkee भी शामिल थे।


यह दौरा अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में विविधता लाने की कनाडा की कोशिशों का भी हिस्सा था। मिशन के दौरान मनिंदर सिद्धू ने भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

मिशन के परिणामों पर टिप्पणी करते हुए मनिंदर सिद्धू ने कहा:

"भारत में हमारे व्यापार मिशन के दौरान कनाडाई कंपनियों के लिए करीब 30 करोड़ कनाडाई डॉलर के मूल्य वाले 34 व्यावसायिक समझौते हुए हैं। ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों से लेकर विमानन क्षेत्र तक, कनाडाई कंपनियों ने ऐसे उपयोगी संपर्क बनाए हैं, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करेंगे। कनाडा भारत के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनने को तैयार है। इस मिशन के दौरान बने अवसर हमारे कर्मचारियों और कारोबारों को लंबे समय तक लाभ पहुंचाएंगे।"

Deepspatial भारत में अपनी साझेदारियों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की तैयारी में

Deepspatial की अगली प्राथमिकता इन समझौतों को ऐसे कार्यक्रमों में बदलना है, जिनका विस्तार विभिन्न संस्थानों, उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक किया जा सके। कंपनी IIT Tirupati के साथ मिलकर अपने शोध और प्रतिभा विकास नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है। वहीं, OneIndia की सामग्री और व्यापक पहुंच के जरिए edskExpress का दायरा बढ़ाने की योजना है।

Deepspatial के मुख्य विपणन अधिकारी सौरभ त्यागी ने कहा कि ये दोनों समझौते कंपनी की विकास योजना के अलग-अलग लेकिन एक-दूसरे से जुड़े लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे।


"Deepspatial में हमारी विकास रणनीति तकनीकी नवाचार को ऐसी साझेदारियों के साथ जोड़ने पर आधारित है, जो इसके इस्तेमाल को तेज कर सकें और लंबे समय तक टिकने वाला लाभ पैदा करें। ये दोनों समझौते हमारी योजना के दो महत्वपूर्ण लक्ष्यों को आगे बढ़ाते हैं। IIT Tirupati Navavishkar I-Hub Foundation के साथ सहयोग से भू-स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शोध, प्रतिभा विकास और व्यावसायिक उपयोग को मजबूती मिलेगी। वहीं, OneIndia की सामग्री और पहुंच के जरिए edskExpress का विस्तार होगा। कनाडा के व्यापार मिशन ने हमारे काम और दृष्टि को रणनीतिक साझेदारियों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया है। आगे हमारा ध्यान इन साझेदारियों को बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले कार्यक्रमों में बदलने, संस्थानों और उद्योगों के साथ अपने नेटवर्क का विस्तार करने तथा अपनी तकनीकी और शैक्षणिक पहलों को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने के अवसर तैयार करने पर रहेगा। हमारा लक्ष्य भारत में विकसित क्षमताओं के आधार पर ऐसे समाधान तैयार करना है, जो दुनिया के अलग-अलग बाजारों में उपयोगी साबित हों और वास्तविक प्रभाव पैदा करें।"

Deepspatial ऐसे मंच विकसित करती है, जिनमें भू-स्थानिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित निर्णय प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनका उपयोग शिक्षा, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, जलवायु और आपदा प्रबंधन तथा बुनियादी ढांचे की योजना जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। कंपनी स्थान से जुड़ी जानकारी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ जोड़कर अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर निर्णय लेने में सहायता करती है।

इन नई साझेदारियों के जरिए कंपनी शोध को मजबूत करने, विशेष तकनीकी कौशल तक पहुंच बढ़ाने और छात्रों को भरोसेमंद जानकारी से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहती है। ये समझौते भारतीय शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के सहयोग से कनाडा में विकसित तकनीक तथा शिक्षा संबंधी पहलों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के अवसर भी पैदा करते हैं।