भारत की 'एमरल्ड कैपिटल' किस शहर को कहा जाता है?
क्या आप जानते हैं कि वह कौन सा ऐतिहासिक "गुलाबी शहर" है जो दुनिया के 80% पन्ने (Emerald) का प्रसंस्करण करता है? स्थानीय खदानें न होने के बावजूद, यहाँ के कारीगरों ने पिछले 300 वर्षों से बेरिल श्रेणी के इस नाजुक रत्न को तराशने में महारत हासिल की है। आइए, रत्न व्यापार के इस दिग्गज केंद्र के रहस्यों को उजागर करते हैं।
पन्ना अपने गहरे हरे रंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कोलंबिया इसका सबसे बड़ा उत्पादक है, जो वैश्विक स्तर पर बिकने वाले 55% से 90% पन्ने की आपूर्ति करता है। अमेरिका इसका सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन भारत भी तेजी से अपनी जगह बना रहा है और अब एशिया-प्रशांत बाजार का 28% हिस्सा भारत के पास है।
भारत में पन्ने की सबसे बड़ी खदानें झारखंड की घोराबंधा पहाड़ियों में स्थित हैं, जहाँ श्रमिक प्रतिदिन 15 किलोग्राम तक पन्ना एकत्र कर सकते हैं। दुनिया भर में लोग पन्ने पर अरबों खर्च करते हैं और सिंथेटिक पन्ने का बाजार 2025 तक 2.79 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है।
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क्या आपने कभी सोचा है कि किस स्थान को भारत की "पन्ना राजधानी" कहा जाता है? इस लेख में हम इसके इतिहास, व्यापार और कुछ दिलचस्प तथ्यों पर नज़र डालेंगे।
पन्ना अपने गहरे हरे रंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कोलंबिया इसका सबसे बड़ा उत्पादक है, जो वैश्विक स्तर पर बिकने वाले 55% से 90% पन्ने की आपूर्ति करता है। अमेरिका इसका सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन भारत भी तेजी से अपनी जगह बना रहा है और अब एशिया-प्रशांत बाजार का 28% हिस्सा भारत के पास है।
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