भारत में बिजली का सबसे बड़ा स्रोत कौन सा है? जानें 2026 के ताज़ा आंकड़े
भारत अपनी ऊर्जा यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। देश में बढ़ती औद्योगिक और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए बिजली की जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। जब हम यह पूछते हैं कि भारत में बिजली का सबसे बड़ा स्रोत कौन सा है, तो इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि हम कुल स्थापित क्षमता की बात कर रहे हैं या उस बिजली की जो वास्तव में हमारे घरों को रोशन करती है।
वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल उत्पन्न बिजली का लगभग 70.8% से 75% हिस्सा कोयले से आता है। इसका मुख्य कारण कोयले की 24/7 बिजली प्रदान करने की क्षमता है, जो भारत के विशाल विनिर्माण क्षेत्र और 1.4 अरब से अधिक की आबादी के लिए बेहद जरूरी है।
भारत का भविष्य 'दोहरी रणनीति' पर टिका है। अगले दशक तक ग्रिड स्थिरता के लिए कोयला मुख्य स्रोत बना रहेगा, लेकिन भारत तेजी से 500 GW स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
भारत में बिजली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत: कोयला
हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदमों के बावजूद, आज भी भारत में बिजली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत कोयला ही है। कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट भारतीय ग्रिड के लिए 'बेस लोड' यानी आधार स्तंभ के रूप में काम करते हैं।वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल उत्पन्न बिजली का लगभग 70.8% से 75% हिस्सा कोयले से आता है। इसका मुख्य कारण कोयले की 24/7 बिजली प्रदान करने की क्षमता है, जो भारत के विशाल विनिर्माण क्षेत्र और 1.4 अरब से अधिक की आबादी के लिए बेहद जरूरी है।
बिजली उत्पादन का मिश्रण 2026
भारत में बिजली उत्पादन कोयला, नवीकरणीय ऊर्जा (सौर और पवन), जलविद्युत, परमाणु और गैस का एक मिश्रण है। बिजली मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिपोर्ट के अनुसार, हमें यहाँ 'क्षमता' और 'वास्तविक उत्पादन' के बीच का अंतर समझना होगा:- स्थापित क्षमता (Installed Capacity): भारत की कुल स्थापित क्षमता 524 GW को पार कर गई है। इसमें गैर-जीवाश्म स्रोतों (अक्षय ऊर्जा, हाइड्रो और परमाणु) की हिस्सेदारी अब 52% से अधिक है।
- वास्तविक उत्पादन (Actual Generation): सौर और पवन ऊर्जा रुक-रुक कर मिलती है (जैसे रात में सौर ऊर्जा नहीं मिलती), इसलिए वास्तविक बिजली उत्पादन में इनकी हिस्सेदारी इनकी क्षमता की तुलना में अभी कम है।
कोयला अभी भी शीर्ष पर क्यों है?
भारत के पास दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा कोयला भंडार है। घरेलू स्तर पर इसकी प्रचुर उपलब्धता ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करती है और महंगे आयात पर निर्भरता कम करती है। इसके अलावा, बड़े पैमाने पर निरंतर बिजली उत्पादन के लिए कोयला वर्तमान में सबसे किफायती विकल्प है। जब तक बैटरी स्टोरेज तकनीक और सस्ती नहीं हो जाती, तब तक ग्रिड की स्थिरता के लिए कोयला ही एकमात्र विश्वसनीय स्रोत बना हुआ है।राज्यों का योगदान
- कोयला उत्पादन: ओडिशा और छत्तीसगढ़ कोयला खनन और थर्मल पावर में आगे हैं। उत्तर प्रदेश में सिंगरौली जैसे बड़े थर्मल पावर क्लस्टर मौजूद हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा: राजस्थान अपनी उच्च सौर विकिरण क्षमता के कारण सौर ऊर्जा में नंबर एक है। गुजरात पवन और सौर दोनों में पावरहाउस है, जहाँ खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल पार्क है।
भारत का भविष्य 'दोहरी रणनीति' पर टिका है। अगले दशक तक ग्रिड स्थिरता के लिए कोयला मुख्य स्रोत बना रहेगा, लेकिन भारत तेजी से 500 GW स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
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