Success Story: 3 बच्चों की मां... जुनून ऐसा कि शादी के 17 साल बाद पास की परीक्षा, बिहार की ज्योत्सना बनीं अफसर

Newspoint
Success Story of Jyotsna Priya: ‘जहां चाह होती है, वहां राह अपने आप बन जाती है।’ इसे सच साबित कर दिखाया है बिहार की ज्योत्सना प्रिया ने। 3 बच्चों की मां होने के बावजूद अपने सपनों से पीछे नहीं हटीं। शादी के 17 साल बाद उन्होंने वह कर दिखाया, जिसे कई लोग नामुमकिन मान लेते हैं। सिविल सेवा के बड़े कंप्टीशन के बीच कई बार वह फेल भी हुईं लेकिन हर बार आगे बढ़ने का फैसला किया।

घर और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई और अन्य कामों का संतुलन बनाकर BPSC परीक्षा क्रैक की। अपने पांचवें प्रयास में रेवेन्यू अफसर बनकर खुद पर उठने वाले सवालों का जवाब दिया। उनकी सफलता की कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो हालातों से हार मानने लगता है।
Hero Image

शादी के बाद 3 बच्चों की जिम्मेदारी के साथ शुरू हुआ था सफर
ज्योत्सना प्रिया बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली हैं। वह एक इंटरव्यू में बताती हैं कि 2007 में उनकी शादी हुई थी। इसके बाद उनका जीवन पूरी तरह से परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए समर्पित हो गया था। उस समय उनके पास सिर्फ 12वीं तक की शिक्षा थी। सीमित पढ़ाई और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने वर्षों तक अपने सपनों को पीछे रखा लेकिन अंदर ही अंदर कुछ बड़ा करने की इच्छा लगातार बनी रही।

पढ़ाई का जुनून, पहले पूरा किया ग्रेजुएशन
2014 में तीनों बच्चों के बड़े होने के बाद प्रिया ने अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। सबसे पहले उन्होंने कॉलेज में एडमिशन लेकर BCom की पढ़ाई की और 2018 में ग्रेजुएशन पूरा किया। इस दौरान उन्हें लगा कि अब सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी कुछ योगदान देना चाहिए। इसलिए उन्होंनें सिविल सेवा की राह चुनी।

BPSC की तैयारी, कई बार मिली असफलता
2019 में उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी। उनका हमेशा से सपना था कि UPSC क्रैक करें लेकिन उम्र सीमा निकल चुकी थी। इसलिए उन्होंने BPSC पर ध्यान लगाया और तैयारी में लग गई थीं। उन्होंने कभी कोचिंग क्लास नहीं ली। एक ऑनलाइन प्रोग्राम ज्वाइन किया था, जो सिर्फ 'मेन्स' परीक्षा में जवाब लिखने की प्रैक्टिस के लिए था। अपने पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स से सिर्फ 3 नंबर से रह गई थीं। दूसरे प्रयास में मेन्स तक पहुंचीं लेकिन 6 नंबर से पीछे रह गईं। इसके बाद भी लगातार आगे बढ़ती रहीं और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

शादी के 17 साल बाद पास की परीक्षा, 262वीं रैंक से बनीं अफसर
प्रिया तीसरे और चौथे प्रयास में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। शादी के 17 साल बाद (2007 से 2024) उन्होंने पांचवें प्रयास यानी BPSC 69वीं परीक्षा में 262वीं रैंक हासिल की और राजस्व अधिकारी (Revenue Officer) बनी थीं। यह सफलता उनके धैर्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास का बड़ा प्रमाण बन गई।

घर से ही की थी पढ़ाई, बिना कोचिंग साधा लक्ष्य
अपनी तैयारी के दौरान प्रिया ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और पढ़ाई के लिए लंबे गैप जैसी चुनौतियों का सामना किया था लेकिन सपना पूरा करने के लिए डटी रहीं। उन्होंने घर पर रहकर खुद पढ़ाई की और बिना कोचिंग सफलता पाई। उन्होंने उम्र को महज एक नंबर बताकर तमाम चुनौतियों से पार पाते हुए सफलता की चमक बिखेरी। उनकी कहानी महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, सपनों को पूरा किया जा सकता है।