School Admission: बिना APPAR ID स्कूल में एडमिशन नहीं होगा? NCERT ने बताया सच, जानिए कहां काम आती है और फायदे
School Admission APPAR ID: स्कूल एडमिशन का दौर शुरू हो चुका है। केंद्रीय विद्यालय (KV) में दाखिला प्रक्रिया जारी है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट को छोड़कर बाकी क्लासेस के नतीजे घोषित हो चुके हैं। स्टूडेंट्स अगली क्लास में एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं। स्कूल एडमिशन के समय में APAAR ID को लेकर काफी कन्फ्यूजन रहता है। क्योंकि केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई बोर्ड ( CBSE) या अन्य स्कूलों में APAAR ID इस्तेमाल होती है। लेकिन क्या बिना APAAR ID स्कूल में एडमिशन नहीं होगा? NCERT ने सभी कनफ्यूजन दूर करते हुए सच बताया है।

APAAR ID क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अपार आईडी आखिर होती क्या है। APAAR ID का फुल फॉर्म ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री है। अपार आईडी 12 अंकों का एक यूनिक कोड होता है, जो स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक में काम आता है। एक बार आपार आईडी बनने के बाद यह लाइफ टाइम रहती है, भले ही आपका स्कूल, कॉलेज या राज्य बदल जाए। यह एक तरह से डिजिटल एकेडमिक पासपोर्ट की तरह काम करती है।
क्या अपार आईडी के बिना स्कूल एडमिशन नहीं होगा?ऐसा नहीं, यह मानना बिल्कुल गलत है कि जिन स्टूडेंट्स की अपार आईडी नहीं है उनका स्कूल में एडमिशन नहीं होगा। NCERT ने इसे लेकर पेरेंट्स के डाउट्स क्लियर करते हुए बताया कि कोई भी बच्चा APAAR ID के बिना भी एडमिशन ले सकता है। यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है। APAAR का काम तो बस लाइफ को आसान बनाना है। यह स्कूलों को किसी भी छात्र के एकेडमिक रिकॉर्ड को एक ही जगह पर सुरक्षित रूप से स्टोर करने और उन तक पहुंचने में मदद करता है।
तो, जहां एक ओर APAAR बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग और शिक्षा में निरंतरता को बढ़ावा देता है, वहीं दूसरी ओर यह किसी भी बच्चे के स्कूल में एडमिशन लेने के अधिकार में बाधा नहीं बनता। हर बच्चे का शिक्षा पर अधिकार है-सरल, सहज और तनाव-मुक्त।
APAAR ID बनाने के लिए जरूरी डिटेल्स
APAAR ID कैसे बनाएं?APAAR ID बनाने के दो रास्ते हैं-एक खुद Digilocker के जरिए और दूसरा स्कूल के माध्यम से। डिजिलॉकर पर अपार आईडी बनाने का तरीका यहां देख सकते हैं।
How to Create APAAR ID on DigiLocker: यहां देखें तरीका
स्कूल से APAAR ID कैसे मिलेगी?अपार आई-डी के लिए पेरेंट्स की सहमति भी जरूरी होती है। इसलिए स्कूल खुद भी अपार आईडी जनरेट करते हैं।
APAAR ID के फायदे
बता दें कि यह भारत सरकार की ओर से 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' की पहल का हिस्सा है। शिक्षा मंत्रालय ने इसे नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया है। जैसे नागरिक पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, ठीक उसी तरह छात्र की एकेडमिक पहचान के लिए APAAR ID बनाई गई है।
APAAR ID क्या है?सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अपार आईडी आखिर होती क्या है। APAAR ID का फुल फॉर्म ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री है। अपार आईडी 12 अंकों का एक यूनिक कोड होता है, जो स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक में काम आता है। एक बार आपार आईडी बनने के बाद यह लाइफ टाइम रहती है, भले ही आपका स्कूल, कॉलेज या राज्य बदल जाए। यह एक तरह से डिजिटल एकेडमिक पासपोर्ट की तरह काम करती है।
क्या अपार आईडी के बिना स्कूल एडमिशन नहीं होगा?ऐसा नहीं, यह मानना बिल्कुल गलत है कि जिन स्टूडेंट्स की अपार आईडी नहीं है उनका स्कूल में एडमिशन नहीं होगा। NCERT ने इसे लेकर पेरेंट्स के डाउट्स क्लियर करते हुए बताया कि कोई भी बच्चा APAAR ID के बिना भी एडमिशन ले सकता है। यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है। APAAR का काम तो बस लाइफ को आसान बनाना है। यह स्कूलों को किसी भी छात्र के एकेडमिक रिकॉर्ड को एक ही जगह पर सुरक्षित रूप से स्टोर करने और उन तक पहुंचने में मदद करता है।
तो, जहां एक ओर APAAR बेहतर रिकॉर्ड-कीपिंग और शिक्षा में निरंतरता को बढ़ावा देता है, वहीं दूसरी ओर यह किसी भी बच्चे के स्कूल में एडमिशन लेने के अधिकार में बाधा नहीं बनता। हर बच्चे का शिक्षा पर अधिकार है-सरल, सहज और तनाव-मुक्त।
APAAR ID बनाने के लिए जरूरी डिटेल्स
- UDISE+ विशिष्ट छात्र पहचानकर्ता (PEN),
- छात्र का नाम
- जन्म तिथि (DOB)
- लिंग
- मोबाइल नंबर
- माता का नाम
- पिता का नाम
- आधार कार्ड के अनुसार नाम और आधार संख्या
APAAR ID कैसे बनाएं?APAAR ID बनाने के दो रास्ते हैं-एक खुद Digilocker के जरिए और दूसरा स्कूल के माध्यम से। डिजिलॉकर पर अपार आईडी बनाने का तरीका यहां देख सकते हैं।
How to Create APAAR ID on DigiLocker: यहां देखें तरीका
- सबसे पहले डिजिलॉकर की वेबसाइट digilocker.gov.in या ऐप ओपन करें।
- अपना मोबाइल नंबर की मदद से अकाउंट क्रिएट करें।
- अब 'Search Doucuments' में 'APAAR' टाइप करें।
- 'APAAR ID' पर क्लिक करके मांगी गई जरूरी डिटेल्स जैसे नाम, जन्मतिथि, एकेडमिक ईयर, लिंक, स्कूल या संस्थान का नाम आदि भरें।
- आधार संख्या और मोबाइल नंबर डालें।
- OTP की मदद से वेरिफिकेशन पूरा करें।
- आपका APAAR ID कार्ड जनरेट हो जाएगा और 'Issued Documents' में शो होने लगेगा।
स्कूल से APAAR ID कैसे मिलेगी?अपार आई-डी के लिए पेरेंट्स की सहमति भी जरूरी होती है। इसलिए स्कूल खुद भी अपार आईडी जनरेट करते हैं।
- सबसे पहले अपने स्कूल से सहमित पत्र लेकर पेरेंट्स के सिग्नेचर करा लें।
- स्कूल टीचर UDISE+ पोर्टल पर लॉगइन करेंगे।
- स्टूडेंट्स का आधार नंबर और नाम दर्ज किया जाएगा।
- स्कूल रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर वेरिफिकेशन के लिए OTP भेजेगा या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का भी ऑप्शन होता है।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टूडेंट की अपार आईडी जनरेट हो जाएगी और आईडी नंबर या कार्ड मिल जाएगा।
APAAR ID के फायदे
- डिजिटल मार्कशीट: आपको हर जगह अपनी मार्कशीट या सर्टिफिकेट्स की ओरिजनल मार्कशीट लेकर घूमने की जरूरत नहीं होती।
- क्रेडिट ट्रांसफर: कॉलेज बदलने के बाद भी आपके एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स
- एडमिशन: 10वीं या 12वीं क्लास के बाद आगे की पढ़ाई के लिए एडमिशन पाना आसान हो जाता है। क्योंकि स्टूडेंट्स के सारे डॉक्यूमेंट्स डिजिटल रूप में वेरिफाइड होते हैं।
- स्कॉलरशिप: स्कॉलरशिप के मामले में भी APAAR ID का फायदा होता है। स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करते समय यह आईडी काम आसान कर देती है।
- रिकॉर्ड: इस यूनिक आईडी के जरिए स्टूडेंट्स के लिए अपनी एकेडमिक रिकॉर्ड्स एक साथ रखना आसान होता है। साथ ही शैक्षणिक दस्तावेजों के अलावा स्पोर्ट्स और अन्य एक्टिविटिज के लिए मिलने सर्टिफिकेट भी स्टोर किए जा सकते हैं।
बता दें कि यह भारत सरकार की ओर से 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' की पहल का हिस्सा है। शिक्षा मंत्रालय ने इसे नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया है। जैसे नागरिक पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, ठीक उसी तरह छात्र की एकेडमिक पहचान के लिए APAAR ID बनाई गई है।
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