चिनाब नदी का प्राचीन नाम क्या है?
चिनाब नदी पंजाब क्षेत्र की उन पांच महान नदियों में से एक है, जिसका इतिहास प्राचीन भारतीय सभ्यता से जुड़ा है। आज जिसे हम चिनाब के नाम से जानते हैं, प्राचीन काल में उसके कई अलग-अलग नाम थे। वैदिक ग्रंथों, संस्कृत महाकाव्यों और प्राचीन यूनानी अभिलेखों में इसके अलग-अलग स्वरूपों का वर्णन मिलता है। आइए, चिनाब नदी के पुराने नामों के साथ-साथ इसकी भौगोलिक स्थिति, मार्ग और इस पर बने प्रमुख बांधों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
चिनाब नदी का प्राचीन नाम क्या है?
ऋग्वेद के अनुसार, चिनाब नदी का सबसे पुराना दर्ज नाम "असिकनी" है। बाद में महाभारत में इसे "चंद्रभागा" के नाम से जाना गया। जब प्राचीन यूनानी भारत आए, तो उन्होंने इसे "एसेसिन्स" (Acesines) पुकारा। 'चिनाब' शब्द वास्तव में फारसी प्रभाव से निकला है जो 'चंद्रभागा' का ही एक सरल रूप माना जाता है।
चिनाब नदी के विभिन्न ऐतिहासिक नाम
1. असिकनी — वैदिक नाम (ऋग्वेद)
चिनाब का सबसे प्राचीन नाम 'असिकनी' है, जिसका उल्लेख दुनिया के सबसे पुराने पवित्र ग्रंथों में से एक ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद के 'नदीस्तुति सूक्त' में इसका वर्णन है। माना जाता है कि 'असिकनी' का अर्थ "काले रंग का पानी" है, जो शायद वैदिक ऋषियों द्वारा देखे गए नदी के गहरे रंग को दर्शाता है।
चिनाब नदी का प्राचीन नाम क्या है?
ऋग्वेद के अनुसार, चिनाब नदी का सबसे पुराना दर्ज नाम "असिकनी" है। बाद में महाभारत में इसे "चंद्रभागा" के नाम से जाना गया। जब प्राचीन यूनानी भारत आए, तो उन्होंने इसे "एसेसिन्स" (Acesines) पुकारा। 'चिनाब' शब्द वास्तव में फारसी प्रभाव से निकला है जो 'चंद्रभागा' का ही एक सरल रूप माना जाता है। चिनाब नदी के विभिन्न ऐतिहासिक नाम
1. असिकनी — वैदिक नाम (ऋग्वेद)
चिनाब का सबसे प्राचीन नाम 'असिकनी' है, जिसका उल्लेख दुनिया के सबसे पुराने पवित्र ग्रंथों में से एक ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद के 'नदीस्तुति सूक्त' में इसका वर्णन है। माना जाता है कि 'असिकनी' का अर्थ "काले रंग का पानी" है, जो शायद वैदिक ऋषियों द्वारा देखे गए नदी के गहरे रंग को दर्शाता है।Next Story