प्रधानमंत्री यशस्वी योजना 2026: विद्यार्थियों को ₹1.25 लाख तक की स्कॉलरशिप, जानें आवेदन का नया और आसान तरीका

हमारे देश में पैसों की कमी के कारण पढ़ाई बीच में ही छूट जाना कोई नई बात नहीं है। कई प्रतिभाशाली छात्र, विशेष रूप से आर्थिक रूप से पिछड़े और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से, उच्च शिक्षा का अवसर तो पाते हैं लेकिन वित्तीय बाधाओं के कारण इसे जारी नहीं रख पाते। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री यशस्वी योजना शुरू की है। इसके जरिए कक्षा 9 से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट स्तर तक के छात्रों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता दी जाती है।
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यह योजना सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित की जा रही है। यह विशेष रूप से OBC, EBC और DNT समुदायों के छात्रों के लिए तैयार किया गया एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है।

क्या है प्रधानमंत्री यशस्वी योजना?

प्रधानमंत्री यशस्वी योजना वास्तव में 'पीएम यंग अचीवर्स स्कॉलरशिप अवार्ड स्कीम' के तहत एक उप-योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े मेधावी छात्रों को स्कूल और कॉलेज स्तर पर अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत तीन मुख्य प्रकार की छात्रवृत्तियाँ दी जाती हैं: प्री-मैट्रिक, पोस्ट-मैट्रिक और टॉप क्लास एजुकेशन। छात्रवृत्ति की राशि कक्षा और कोर्स के अनुसार अलग-अलग होती है।


कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:
  • आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
  • परिवार की वार्षिक आय एक निश्चित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
  • आवेदक OBC, EBC या DNT श्रेणी से संबंधित होना चाहिए।
  • यदि छात्र एक ही कोर्स को दोबारा दोहराता है, तो छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
  • एक परिवार के अधिकतम दो बच्चे ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

कितनी मिलेगी छात्रवृत्ति?

1. प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप: यह कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए है। इसमें सालाना 4,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है।
2. पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप: कक्षा 10 के बाद विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति इस प्रकार है:



3. टॉप क्लास स्कूल एजुकेशन: इस श्रेणी में सहायता राशि काफी अधिक है:
  • कक्षा 9 और 10: ₹ 75,000 तक
  • कक्षा 11 और 12: ₹ 1,25,000 तक

4. उच्च गुणवत्ता वाली कॉलेज शिक्षा: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लाभ और भी व्यापक हैं। निजी संस्थानों में पूरी शिक्षा के लिए 2 लाख रुपये तक और प्राइवेट फ्लाइंग क्लबों में पायलट ट्रेनिंग के लिए 3.72 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। साथ ही किताबों और स्टेशनरी के लिए अतिरिक्त 5,000 रुपये का प्रावधान है।

आवेदन कैसे करें?

इस योजना में आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन होता है। आपको 'नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल' (NSP) के माध्यम से आवेदन करना होगा।

आवेदन की प्रक्रिया:
  1. NSP पोर्टल पर नया पंजीकरण करें।
  2. अपना आईडी और पासवर्ड बनाएं।
  3. लॉगिन करें और संबंधित छात्रवृत्ति का चयन करें।
  4. आवेदन पत्र को ध्यानपूर्वक भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  6. स्कूल या कॉलेज के नोडल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा।
  7. अंत में राज्य सरकार द्वारा इसे अंतिम मंजूरी दी जाएगी।

आवश्यक दस्तावेज
जाति प्रमाण पत्र (OBC/EBC/DNT), आय प्रमाण पत्र, जन्म तिथि का प्रमाण, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और पिछला शैक्षिक प्रमाण पत्र।