IIT में बढ़ी बेटियों की हिस्सेदारी: 6 साल में महिला छात्रों की संख्या 52% बढ़ी, जानें 2025 में किस IIT में सबसे ज्यादा

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देश के प्रतिष्ठित IIT संस्थानों में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली महिला छात्रों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है. 23 IIT के एडमिशन आंकड़ों की तुलना करने पर पता चलता है कि 2019 में जहां 2,416 महिला छात्रों को सीट मिली थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 3,664 हो गया. यानी छह साल में महिला छात्रों की संख्या में करीब 52 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई.
हालांकि, कुल सीटों के मुकाबले महिला छात्रों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत सीमित रही है. 2019 में यह हिस्सेदारी 17.76 फीसदी थी, जो 2025 में बढ़कर 20.15 फीसदी हो गई.

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कुल सीटों के मुकाबले कितनी बढ़ी महिलाओं की हिस्सेदारी?
2019 में 23 IIT में कुल 13,604 सीटें आवंटित की गई थीं. इनमें 2,416 सीटें महिला उम्मीदवारों को मिलीं. इस तरह उस साल कुल सीटों में महिलाओं की हिस्सेदारी 17.76 फीसदी थी.
2025 में कुल आवंटित सीटों की संख्या बढ़कर 18,188 हो गई. इनमें महिला छात्रों की संख्या 3,664 रही और हिस्सेदारी 20.15 फीसदी तक पहुंच गई.
इस तरह छह साल में महिला छात्रों की हिस्सेदारी में 2.39 प्रतिशत अंक का इजाफा हुआ. वहीं कुल आवंटित सीटों में करीब 34 फीसदी की वृद्धि हुई. यानी इस अवधि में महिला एडमिशन की संख्या में बढ़ोतरी कुल सीटों की वृद्धि की तुलना में अधिक रही.


महिला एडमिशन बढ़ाने के लिए शुरू हुई थी सुपरन्यूमैरेरी सीटें
IIT में महिलाओं की कम भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से सुपरन्यूमैरेरी सीटों की व्यवस्था शुरू की गई थी. इसका मकसद महिला छात्रों की संख्या बढ़ाना था, जबकि जेंडर-न्यूट्रल उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध सामान्य सीटों को कम नहीं किया गया.
योजना के तहत महिला नामांकन का लक्ष्य 2018-19 में 14 फीसदी, 2019 में 17 फीसदी और 2020-21 में 20 फीसदी तक ले जाने की दिशा में काम किया गया.
2018-19 में 835 सुपरन्यूमैरेरी सीटें बनाई गई थीं, जबकि 2019-20 में 1,122 अतिरिक्त सीटें जोड़ी गईं. इन सीटों के जरिए IIT में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का प्रयास किया गया.
2025 में इन IIT में महिलाओं की हिस्सेदारी ज्यादा रही
2025 के एडमिशन आंकड़ों में कई IIT में महिला छात्रों की हिस्सेदारी 19 फीसदी से ऊपर रही. IIT तिरुपति में यह हिस्सेदारी 21.57 फीसदी रही, जो दिए गए आंकड़ों में सबसे ज्यादा थी.
इसके बाद IIT मद्रास में 21.09 फीसदी महिला छात्रों को सीट मिली. वहीं IIT दिल्ली और IIT इंदौर में महिलाओं की हिस्सेदारी 20.63 फीसदी रही.
इसके अलावा IIT रुड़की में 20.50 फीसदी, IIT धारवाड़ में 20.47 फीसदी और IIT कानपुर में 20.41 फीसदी महिला छात्रों की हिस्सेदारी रही.


पुराने IIT में भी महिला एडमिशन में बढ़ोतरी
कुछ प्रमुख पुराने IIT में भी 2019 की तुलना में महिला छात्रों की हिस्सेदारी बढ़ी है.

IIT बॉम्बे में महिला छात्रों की हिस्सेदारी 2019 के 17.78 फीसदी से बढ़कर 2025 में 19.57 फीसदी हो गई. इसी तरह IIT खड़गपुर में यह आंकड़ा 16.82 फीसदी से बढ़कर 19.19 फीसदी और IIT हैदराबाद में 18.61 फीसदी से बढ़कर 20.13 फीसदी हो गया.
IIT में अब हर पांच एडमिशन में करीब एक महिला
2025 के आंकड़ों के मुताबिक IIT की कुल आवंटित सीटों में महिला छात्रों की हिस्सेदारी 20.15 फीसदी रही. आसान भाषा में कहें तो IIT में एडमिशन पाने वाले लगभग हर पांच छात्रों में एक महिला रही.
हालांकि कुल प्रतिशत में वृद्धि कुछ प्रतिशत अंकों तक सीमित है, लेकिन 2019 से 2025 के बीच महिला छात्रों की वास्तविक संख्या में करीब 52 फीसदी का इजाफा हुआ है. यह आंकड़ा IIT में महिलाओं के बढ़ते नामांकन की तस्वीर सामने रखता है.