PM Kisan 22nd Installment Date: इस दिन आएगी 22वीं किस्त, जानें किन किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपये
देशभर के करोड़ों किसान जो खेती-किसानी के जरिए देश का पेट भरते हैं, उनके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की अगली यानी 22वीं किस्त का इंतजार अब खत्म होने वाला है। सरकार इस समय लाभार्थी सूची के शुद्धिकरण और डेटा वेरिफिकेशन के अंतिम चरण में है, जिसके बाद सीधे किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।
कब आ सकती है 22वीं किस्त?
आमतौर पर पीएम किसान योजना की किस्तें साल में तीन बार—अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर और दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती हैं। पिछली यानी 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। अब नियम के मुताबिक, 22वीं किस्त का समय मार्च 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में बन रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 के आसपास एक विशेष कार्यक्रम के जरिए करोड़ों किसानों के खातों में यह राशि डिजिटल माध्यम (DBT) से भेज सकते हैं।
इस बार देरी की असल वजह क्या है?
अक्सर किसान भाई परेशान हो जाते हैं कि किस्त समय पर क्यों नहीं आई। इस बार देरी का एक बड़ा कारण सरकार द्वारा चलाया जा रहा 'सत्यापन अभियान' है। सरकार का लक्ष्य है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं पात्र किसानों को मिले जो इसके हकदार हैं। इस प्रक्रिया में लाखों ऐसे नामों को सूची से हटाया जा रहा है जो आयकर दाता हैं, सरकारी नौकरी में हैं या फिर जिनके भूमि दस्तावेज (Land Seeding) सही नहीं हैं। अकेले 21वीं किस्त के दौरान लगभग 70 लाख अपात्र लोगों के नाम हटाए गए थे।
कब आ सकती है 22वीं किस्त?
आमतौर पर पीएम किसान योजना की किस्तें साल में तीन बार—अप्रैल से जुलाई, अगस्त से नवंबर और दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती हैं। पिछली यानी 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी। अब नियम के मुताबिक, 22वीं किस्त का समय मार्च 2026 के पहले या दूसरे हफ्ते में बन रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 के आसपास एक विशेष कार्यक्रम के जरिए करोड़ों किसानों के खातों में यह राशि डिजिटल माध्यम (DBT) से भेज सकते हैं। इस बार देरी की असल वजह क्या है?
अक्सर किसान भाई परेशान हो जाते हैं कि किस्त समय पर क्यों नहीं आई। इस बार देरी का एक बड़ा कारण सरकार द्वारा चलाया जा रहा 'सत्यापन अभियान' है। सरकार का लक्ष्य है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं पात्र किसानों को मिले जो इसके हकदार हैं। इस प्रक्रिया में लाखों ऐसे नामों को सूची से हटाया जा रहा है जो आयकर दाता हैं, सरकारी नौकरी में हैं या फिर जिनके भूमि दस्तावेज (Land Seeding) सही नहीं हैं। अकेले 21वीं किस्त के दौरान लगभग 70 लाख अपात्र लोगों के नाम हटाए गए थे।Next Story