राज्यसभा से इस्तीफा देकर असम के सीएम हिमंत बिस्वा से मिलीं सुष्मिता देव

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नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिलने पहुंचीं, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

उन्होंने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन को लिखे इस्तीफे में कहा कि वह तत्काल प्रभाव से राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे रही हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें सभापति, उपसभापति और राज्यसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों से सहयोग मिला, जिसके लिए वह आभारी हैं।

सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का सामना कर रही है। सबसे पहले मई के महीने में राज्य विधानसभा में पार्टी हाईकमान ने शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने का निर्णय लिया था। लेकिन, पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी हाईकमान के फैसले के खिलाफ जाकर बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना था। 

इसके बाद पार्टी के 28 लोकसभा सदस्यों में से लगभग 20 सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन देने और अलग गुट बनाने की इच्छा जताई थी। इसे पार्टी की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।

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टीएमसी में सुष्मिता देव से पहले भी कई इस्तीफे और टूट दर्ज किए गए हैं। सबसे हाल में 8 जून को वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने इस्तीफा दिया था। 

उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार की सराहना की थी। उससे पहले स्थानीय निकायों में भी पार्टी को झटका लगा था, जब 127 पार्षदों और नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दिया। इनमें कंचरापाड़ा और हालीशहर नगरपालिकाओं के दर्जनों पार्षद शामिल थे।