शादी के बाद मैरिज सर्टिफिकेट कैसे बनवाएं? आधार कार्ड से प्रक्रिया हुई और भी आसान

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शादी का बंधन सिर्फ दो दिलों का मेल नहीं बल्कि एक कानूनी सफर की शुरुआत भी है। भारत में शादी का रजिस्ट्रेशन कराना अब न केवल अनिवार्य है बल्कि कई सरकारी और वित्तीय कामों के लिए बेहद जरूरी भी हो गया है। अक्सर लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी कागजी कार्यवाही के डर से इसे टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पास मौजूद 'आधार कार्ड' इस पूरी प्रक्रिया को कितना आसान बना सकता है?
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आज के इस डिजिटल युग में आधार कार्ड के जरिए मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना न केवल तेज है बल्कि पारदर्शी भी है। आइए समझते हैं कि आधार कार्ड की मदद से आप घर बैठे अपनी शादी को कानूनी मान्यता कैसे दिला सकते हैं।

मैरिज सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी?

शादी का प्रमाण पत्र सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं है। यह पासपोर्ट बनवाने, बैंक में जॉइंट अकाउंट खुलवाने, वीजा आवेदन करने या जीवन साथी को नॉमिनी बनाने जैसे कामों में मुख्य दस्तावेज के रूप में काम आता है। इसके अलावा, भविष्य में किसी भी कानूनी विवाद या उत्तराधिकार के मामलों में यह आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा ढाल बनता है।

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आधार कार्ड कैसे बनाता है काम आसान?

पहले विवाह पंजीकरण के लिए पहचान और पते के अलग-अलग ढेरों प्रमाण देने पड़ते थे। लेकिन अब आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) के आने से वेरिफिकेशन की प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। आधार कार्ड आपकी पहचान (ID Proof), उम्र (Age Proof) और पते (Address Proof) तीनों के लिए एक साथ मान्य होता है। जब आप ऑनलाइन आवेदन में आधार नंबर का उपयोग करते हैं, तो आपकी अधिकांश जानकारी सीधे डेटाबेस से उठा ली जाती है, जिससे फॉर्म भरने में गलती की संभावना कम हो जाती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आधार के साथ-साथ आपको कुछ अन्य बुनियादी चीजों की भी जरूरत होगी:
  • पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड।
  • शादी का निमंत्रण पत्र (Wedding Card) या मंदिर/संस्था द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र।
  • शादी की कुछ खास तस्वीरें (खासकर पति-पत्नी की संयुक्त फोटो)।
  • दो गवाहों के आधार कार्ड और उनकी जानकारी।
  • आयु प्रमाण के लिए 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया: घर बैठे करें अप्लाई


  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य की संबंधित वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए IGRSUP या दिल्ली के लिए e-District पोर्टल) पर लॉगइन करें।

  • रजिस्ट्रेशन: 'मैरिज रजिस्ट्रेशन' विकल्प पर क्लिक करें और अपनी बुनियादी जानकारी भरें।

  • आधार वेरिफिकेशन: फॉर्म भरते समय आधार विकल्प चुनें। इससे आपकी पहचान का सत्यापन तुरंत हो जाएगा और आपको फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

  • फोटो और दस्तावेज अपलोड करें: अपनी शादी की फोटो और मांगे गए अन्य दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें।

  • अपॉइंटमेंट चुनें: सभी विवरण भरने और फीस का भुगतान करने के बाद, आपको रजिस्ट्रार ऑफिस जाने के लिए एक तारीख चुननी होगी।

रजिस्ट्रार ऑफिस का दौरा: तय तारीख पर अपने गवाहों और मूल दस्तावेजों (Original Documents) के साथ ऑफिस जाएं। वहां फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद आपको सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा।


कुछ जरूरी बातें जो ध्यान रखनी चाहिए

शादी के बाद कई महिलाएं अपने नाम या सरनेम में बदलाव करती हैं। अगर आप भी ऐसा करना चाहती हैं, तो मैरिज सर्टिफिकेट मिलने के बाद आधार कार्ड में इसे अपडेट कराना और भी आसान हो जाता है। याद रखें कि ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद, एक बार रजिस्ट्रार के सामने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होता है।

डिजिटल इंडिया की इस सुविधा का लाभ उठाएं और अपनी शादी को समय रहते पंजीकृत कराएं। यह न केवल आपको कानूनी सुरक्षा देता है, बल्कि आपकी भविष्य की राह को भी आसान बनाता है।











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