Aadhaar Update Rules 2026: आधार कार्ड में ये दो जानकारी सिर्फ एक बार ही बदल सकते हैं, जानें नए नियम

भारत में आधार कार्ड एक बहुत ही जरूरी कागज माना जाता है। इसे यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बनाया है। आधार कार्ड सिर्फ एक कागज नहीं है, बल्कि ये लोगों की पहचान और उनके पते का एक पक्का सबूत होता है। इसकी मदद से सरकारी सुविधाओं का सीधा फायदा मिलता है। इसके अलावा सब्सिडी पाने और पैसों के लेन-देन में भी इसकी बहुत जरूरत पड़ती है। आधार कार्ड को सुरक्षित रखने और इसका गलत इस्तेमाल रोकने के लिए यूआईडीएआई ने कुछ खास नियम बनाए हैं। अगर किसी को आधार में कोई भी जानकारी बदलनी है, तो उसे Aadhaar Update Rules 2026 के हिसाब से चलना होगा।

बदलाव की नई लिमिट

आधार कार्ड में दर्ज जानकारी को सही रखना बहुत जरूरी है। हाल ही में आए नए नियमों के अनुसार, आधार कार्ड में कुछ सबसे जरूरी चीजों को बार-बार नहीं बदला जा सकता है। इनमें से दो मुख्य चीजें जन्म तिथि और जेंडर हैं। इन दोनों जानकारियों को पूरी जिंदगी में सिर्फ एक बार ही बदला जा सकता है। ये नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि किसी की भी मुख्य पहचान हमेशा एक जैसी और स्थिर रहे। इसके साथ ही ये पक्का किया जा सके कि आधार कार्ड में जो भी सुधार हो रहे हैं, वे एकदम सही हैं।

जन्म तिथि ठीक कराना

अगर किसी के आधार कार्ड में जन्म तिथि गलत है, तो उसे ठीक कराया जा सकता है। पर हमेशा याद रखना होगा कि जन्म तिथि बदलने का मौका सिर्फ एक ही बार मिलता है। जन्म तिथि को सही करने के लिए एक सही और पक्का कागज सबूत के तौर पर देना होता है। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या कोई और सरकारी कागज दिया जा सकता है। एक बार की इस लिमिट का बहुत सख्ती से पालन होता है। अगर कोई दूसरी बार बदलाव चाहता है, तो उसे एक अलग तरीका अपनाना पड़ता है। आम तौर पर इसकी इजाजत आसानी से नहीं दी जाती है और पूरी जांच की जाती है।

जेंडर बदलने के नियम

जन्म तिथि की तरह ही आधार कार्ड में जेंडर से जुड़ी जानकारी को लेकर भी सख्त नियम हैं। आधार कार्ड में जेंडर की जानकारी को भी पूरी जिंदगी में बस एक ही बार बदला जा सकता है। इसके लिए भी कोई सरकारी पहचान पत्र या कोई और सही कागज जमा करना पड़ता है। भारत में पहचान साबित करने के लिए हर जगह आधार कार्ड का बहुत इस्तेमाल होता है। इसलिए ये नियम बनाया गया है ताकि डेमोग्राफिक जानकारी एकदम सटीक रहे और किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

नाम बदलने की शर्त

UIDAI के अनुसार, आधार कार्ड में नाम को भी अनगिनत बार नहीं बदला जा सकता है। आधार कार्ड में नाम को ज्यादा से ज्यादा सिर्फ दो बार ही बदला जा सकता है। ये लिमिट खास तौर पर इसलिए तय की गई है ताकि आधार के डाटाबेस का कोई गलत फायदा न उठाए और इस पर सबका भरोसा बना रहे। इन दो मौकों का इस्तेमाल नाम की स्पेलिंग ठीक करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा शादी के बाद नाम बदलने के लिए भी इन मौकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर किसी को दो बार से ज्यादा अपना नाम बदलना है, तो उसे यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय से इजाजत लेनी पड़ेगी।

अपडेट कराने के तरीके

अगर आधार कार्ड में नाम बदलना है, तो इसके लिए दो अलग-अलग तरीके अपनाए जा सकते हैं। पहला तरीका ऑनलाइन है। इसमें घर बैठे इंटरनेट की मदद से UIDAI की वेबसाइट पर जाकर बदलाव के लिए आवेदन किया जा सकता है। दूसरा तरीका ऑफलाइन है। घर के आस-पास मौजूद किसी भी आधार केंद्र पर जाया जा सकता है। वहां जाकर जरूरी कागजों के साथ फॉर्म भरना होता है और फिर केंद्र के कर्मचारी इस काम को पूरा कर देते हैं।

जरूरी कागज और फीस

आधार कार्ड में नाम बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन और पहचान साबित करने वाले कुछ दूसरे मजबूत कागज भी देने पड़ सकते हैं। ये ध्यान रखना होगा कि जब भी आधार कार्ड में कोई जानकारी अपडेट कराई जाती है, तो हर बार उसके लिए एक तय फीस लगती है। अगर कोई चाहे तो एक ही फॉर्म भरकर आधार कार्ड में दो अलग-अलग चीजों को एक ही बार में अपडेट करवा सकता है।
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