New Tax Rules 2026: 1 अप्रैल 2026 से बदल रहे हैं टैक्स और पैन कार्ड के ये जरूरी नियम

आम इंसान की रोजमर्रा की जिंदगी में 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। बजट में बताई गई बातें अब पूरी तरह से लागू होंगी। ये नए नियम आम लोगों के पैसों और रोज के कामों पर सीधा असर डालेंगे। इसलिए समय रहते इन सभी बदलावों को समझना बहुत जरूरी है। 1 अप्रैल से पैन कार्ड, टैक्स, और एलपीजी से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। आइए विस्तार से देखते हैं कि ये नियम क्या हैं और इनका लोगों पर क्या असर होगा।

पैन कार्ड के नियमों में भारी छूट

सरकार ने पैन कार्ड से जुड़ी शर्तों को कुछ मामलों में काफी आसान कर दिया है। जैसे अब बैंक या किसी भी पोस्ट ऑफिस में साल भर में 10 लाख रुपये तक जमा करने या निकालने पर पैन देने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह 5 लाख रुपये तक की कोई भी कार या बाइक खरीदने पर भी पैन नहीं मांगा जाएगा। 20 लाख रुपये तक की प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री के लिए भी पैन कार्ड देना अब जरूरी नहीं होगा। इसके अलावा अगर कोई किसी होटल या किसी कार्यक्रम में 1 लाख रुपये तक खर्च करता है, तो उसे भी पैन की जानकारी देने से पूरी छूट मिलेगी। इन फैसलों से आम जनता को कागजी कार्रवाई से काफी आराम मिलेगा।

आईटीआर भरने की तारीख में बदलाव

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख भी बदल दी गई है। जिन कारोबारियों और काम करने वालों को ऑडिट की जरूरत नहीं होती, वे अब 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त तक अपना आईटीआर भर सकते हैं। मतलब उन्हें एक महीने का ज्यादा समय मिलेगा। हालांकि, नौकरीपेशा लोगों और टैक्स देने वालों के लिए आईटीआर-1 या आईटीआर-2 भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। इस बदलाव को छोटे कारोबारियों के लिए एक अच्छी बात माना जा रहा है।

बीमा के लिए पैन हुआ जरूरी

अब किसी भी तरह की बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए पैन कार्ड देना जरूरी होगा। पहले ये नियम सिर्फ बड़े निवेश पर लागू होता था, लेकिन अब हर छोटी-बड़ी पॉलिसी के लिए पैन की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज पर अब टैक्स नहीं लगेगा, जो पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत की बात है।

शेयर बाजार में ट्रेडिंग हुई महंगी

1 अप्रैल से शेयर बाजार में लेन-देन थोड़ा महंगा हो जाएगा। फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स 0.02% से बढ़कर 0.05% हो जाएगा। ऑप्शन प्रीमियम पर टैक्स 0.10% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है। इसके अलावा ऑप्शन एक्सरसाइज पर भी 0.15% टैक्स लगेगा।

बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स में छूट

मिडिल क्लास परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई को लेकर अच्छी खबर है। एजुकेशन अलाउंस पर छूट को 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति बच्चा हर महीने कर दिया गया है। हॉस्टल अलाउंस में छूट को 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति महीने किया गया है। ये फायदे ज्यादा से ज्यादा दो बच्चों के लिए और उन लोगों को मिलेंगे जो पूरी तरह से नो टैक्स सिस्टम चुनते हैं। जो माता-पिता अपने बच्चों को हॉस्टल में पढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए ये टैक्स बचाने का एक बड़ा मौका हो सकता है।

एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान

अगर कोई एनआरआई से घर या जमीन खरीद रहा है, तो टीडीएस काटने के लिए अब अलग से टैन नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ पैन के जरिए ही टीडीएस काटा जा सकता है। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों और प्रॉपर्टी खरीदने वालों के बीच लेन-देन आसान और तेज हो जाएगा।

गैस और फ्यूल के दामों में बदलाव

तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम तय करती हैं। 1 अप्रैल को भी नए दाम सामने आएंगे। इसके अलावा एयर टर्बाइन फ्यूल के दाम भी पहली तारीख को बदलते हैं। इससे हवाई टिकट महंगे या सस्ते हो सकते हैं। सीएनजी और पीएनजी के दामों में भी बदलाव हो सकता है, जिसका सीधा असर गाड़ी चलाने वालों और घर में गैस इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा।

क्रेडिट कार्ड के नियम

नए इनकम टैक्स नियम 2026 के 1 अप्रैल से लागू होने की उम्मीद है। इसके तहत अगर कोई इंसान एक वित्तीय वर्ष में एक या ज्यादा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का पेमेंट करता है, तो बैंक को इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देनी होगी।

मार्च में बैंकों की छुट्टियां

होली, गुड़ी पड़वा, ईद, राम नवमी और महावीर जयंती जैसे त्योहारों के कारण मार्च में बैंक कई दिनों तक बंद रहेंगे। रविवार और दूसरे और चौथे शनिवार को मिलाकर कुल 18 दिन बैंक बंद रहेंगे। ये बदलाव आम इंसान की जिंदगी और पैसों पर असर डाल सकते हैं, इसलिए पहले से जानकारी रखना बहुत जरूरी है।

आपकी जेब पर कुल असर

इन सब बातों से साफ है कि छोटे लेन-देन में लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन सरकार बड़े लेन-देन और बाजार की सट्टेबाजी पर अपनी पकड़ मजबूत करेगी। छोटी कारें और सस्ती प्रॉपर्टी खरीदना आसान हो जाएगा। बच्चों की पढ़ाई पर टैक्स की बचत बढ़ेगी। ट्रेडिंग करना महंगा हो जाएगा और बीमा खरीदते समय पैन जरूरी होगा। टैक्स सिस्टम ज्यादा डिजिटल और ट्रैकिंग पर आधारित हो जाएगा। इसका मतलब है कि 1 अप्रैल 2026 कैलेंडर की सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि पैसों की प्लानिंग का एक नया हिस्सा है। इसलिए बेहतर होगा कि लोग मार्च के अंत से पहले अपने निवेश, टैक्स प्लान और कागजात अपडेट कर लें। इस बार बदलाव छोटे नहीं हैं, ये सीधे आम इंसान की जेब से जुड़े हैं।
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