Ayushman Yojana 2026: क्या आपका भी कटेगा अस्पताल में बिल? जानें कौन से इलाज आयुष्मान योजना से बाहर हैं

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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) आज देश के करोड़ों परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गंभीर बीमारी के वक्त जब अस्पताल का भारी-भरकम बिल सामने आता है, तब यह 5 लाख रुपये का सुरक्षा कवच बहुत काम आता है। लेकिन कई बार लोग यह मान लेते हैं कि आयुष्मान कार्ड होने का मतलब है कि अस्पताल का हर खर्चा सरकार उठाएगी। यह एक बड़ी गलतफहमी हो सकती है।
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साल 2026 में भी इस योजना के नियमों के तहत कुछ ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां और इलाज हैं, जिन्हें कवर नहीं किया जाता है। अस्पताल जाने से पहले इन 'एक्सक्लूजन' (Exclusion) यानी बाहर रखी गई बीमारियों के बारे में जान लेना बहुत जरूरी है, ताकि ऐन वक्त पर आपको कोई वित्तीय झटका न लगे।

ओपीडी और रूटीन चेकअप पर नहीं मिलेगी मदद

सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि आयुष्मान भारत योजना मुख्य रूप से अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) होने के खर्चों को कवर करती है। अगर आप सिर्फ सामान्य सर्दी-खांसी, बुखार या किसी छोटे मर्ज के लिए डॉक्टर को दिखाने ओपीडी (OPD) जाते हैं, तो उसका परामर्श शुल्क आपको खुद देना होगा। इसी तरह, नियमित स्वास्थ्य जांच या रूटीन ब्लड टेस्ट और एक्स-रे, जो बिना भर्ती हुए कराए जाते हैं, इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं।

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कॉस्मेटिक और सौंदर्य से जुड़ी सर्जरी

आजकल लुक्स को बेहतर बनाने के लिए कई तरह की सर्जरी का चलन बढ़ा है, लेकिन आयुष्मान योजना ऐसी किसी भी प्रक्रिया का खर्च नहीं उठाती। इसमें शामिल हैं:

  • प्लास्टिक सर्जरी या कॉस्मेटिक प्रोसीजर, जो केवल सुंदरता बढ़ाने के लिए किए जाएं।
  • टैटू हटाने की लेजर प्रक्रिया।
  • मोटापा कम करने के लिए कराई जाने वाली सर्जरी (जैसे लिपोसक्शन)।
  • एंटी-एजिंग या जवान दिखने के लिए किए जाने वाले ट्रीटमेंट।

दांतों का इलाज और वैक्सीनेशन

दांतों से जुड़ी अधिकांश समस्याएं इस योजना से बाहर हैं। अगर आप दांतों की कैविटी भरवाने, रूट कैनाल (RCT), या नए दांत लगवाने (Implant) के लिए अस्पताल जाते हैं, तो आयुष्मान कार्ड काम नहीं आएगा। मसूड़ों की बीमारियों का सामान्य इलाज भी इसमें शामिल नहीं है। इसके अलावा, किसी भी प्रकार का वैक्सीनेशन या टीकाकरण (जैसे फ्लू या अन्य बीमारियों के टीके) इस योजना के तहत कवर नहीं होता है।


गंभीर स्थिति और प्रजनन तकनीकें
प्रजनन से जुड़े इलाज जैसे कि आईवीएफ (IVF) या सरोगेसी को भी सामान्य तौर पर इस लिस्ट से बाहर रखा गया है, जब तक कि वह विशेष पैकेजों में शामिल न हो। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि कोई मरीज लंबे समय से केवल जीवन रक्षक मशीनों (Life Support) के सहारे है और उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं दिख रही है, तो ऐसी परिस्थितियों में भी योजना का लाभ नहीं मिलता है।

नशा मुक्ति और अन्य विशेष मामले

नशा मुक्ति या ड्रग रिहैबिलिटेशन (Drug Rehabilitation) के लिए किए जाने वाले उपचार भी इस मुफ्त इलाज की सूची में शामिल नहीं हैं। इसके अलावा, जो अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) सरकार द्वारा तय किए गए विशिष्ट पैकेजों में सूचीबद्ध नहीं हैं, उनका लाभ भी कार्ड धारक नहीं ले पाएंगे।

संक्षेप में कहें तो, आयुष्मान भारत योजना गंभीर और जानलेवा बीमारियों के लिए एक बेहतरीन सहारा है, लेकिन यह हर छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्या का समाधान नहीं है। अस्पताल जाने से पहले अपनी बीमारी और उसके कवर के बारे में 'आरोग्य मित्र' से सलाह जरूर लें या आधिकारिक पोर्टल पर पैकेज की जानकारी चेक करें।





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