आधार कार्ड में फोटो और पता बदलने का असली खर्चा कितना है? 200 रुपये मांगने वालों की यहाँ करें शिकायत
आधार कार्ड आज के समय में सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं रह गया है बल्कि यह हमारी पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो या सिम कार्ड लेना, हर जगह आधार की जरूरत पड़ती है। कई बार हमें अपने आधार में नाम, पता या फोटो अपडेट करवाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन क्या आपने गौर किया है कि हाल के दिनों में आधार केंद्र पर आपसे 200 रुपये तक की मांग की जा रही है?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब आधार अपडेट की फीस सरकारी तौर पर कम निर्धारित है, तो फिर 200 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं। आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि आधार अपडेट के असली चार्जेस क्या हैं और किन परिस्थितियों में आपसे ज्यादा पैसे लिए जा सकते हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए स्पष्ट शुल्क तय किए हैं। सामान्य तौर पर चार्जेस कुछ इस तरह होते हैं:
बायोमेट्रिक अपडेट: अगर आप अपनी फोटो, उंगलियों के निशान (Fingerprints) या आंखों की पुतली (Iris) का डेटा अपडेट करवाते हैं, तो इसके लिए 100 रुपये से 125 रुपये तक का शुल्क निर्धारित है।
डेमोग्राफिक अपडेट: नाम, पता, जन्म तिथि या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बदलने के लिए केवल 50 रुपये से 75 रुपये तक की फीस लगती है।
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट: बच्चों के लिए 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होता है और यह पूरी तरह से मुफ्त है।
आखिर 200 रुपये क्यों मांगे जा रहे हैं?
अब सवाल आता है उस 200 रुपये के आंकड़े का। दरअसल, कई बार जब आप किसी निजी केंद्र या छोटे कियोस्क पर जाते हैं, तो वहां संचालक आपसे अधिक पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं:
सर्विस चार्ज का नाम: कई निजी केंद्र संचालक फॉर्म भरने, स्कैनिंग और इंटरनेट के खर्च के नाम पर अतिरिक्त पैसे जोड़ देते हैं।
दस्तावेजों की कमी: अगर आपके पास जरूरी कागजात नहीं हैं और केंद्र संचालक किसी तरह की मदद करता है, तो वह इसकी 'सुविधा शुल्क' मांग सकता है, जो कि पूरी तरह गलत है।
जागरूकता की कमी: बहुत से लोगों को सही सरकारी फीस की जानकारी नहीं होती, जिसका फायदा कुछ लोग उठाते हैं।
सीधा जवाब है: नहीं। UIDAI के नियमों के मुताबिक, कोई भी आधार केंद्र निर्धारित शुल्क से एक रुपया भी ज्यादा नहीं ले सकता। अगर आपसे बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये से ज्यादा या डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 75 रुपये से ज्यादा मांगे जा रहे हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन है।
हालांकि, हाल ही में UIDAI ने 'होम एनरोलमेंट' जैसी प्रीमियम सेवाएं शुरू की हैं, जहां अधिकारी आपके घर आकर आधार अपडेट करते हैं। ऐसी विशेष सेवाओं के लिए शुल्क 700 रुपये तक हो सकता है, लेकिन सामान्य आधार केंद्र पर 200 रुपये की कोई कानूनी श्रेणी नहीं है।
ज्यादा पैसे मांगे जाएं तो क्या करें?
अगर कोई आपसे आधार अपडेट के नाम पर लूट मचा रहा है, तो आप चुप न बैठें। आप इन तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
टोल-फ्री नंबर: आप सीधे 1947 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह UIDAI की हेल्पलाइन सेवा है।
ईमेल के जरिए: आप अपनी शिकायत help@uidai.gov.in पर लिखकर भेज सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल: UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलता है।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि जब आधार अपडेट की फीस सरकारी तौर पर कम निर्धारित है, तो फिर 200 रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं। आइए इस लेख में विस्तार से समझते हैं कि आधार अपडेट के असली चार्जेस क्या हैं और किन परिस्थितियों में आपसे ज्यादा पैसे लिए जा सकते हैं।
आधार अपडेट की निर्धारित फीस कितनी है?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए स्पष्ट शुल्क तय किए हैं। सामान्य तौर पर चार्जेस कुछ इस तरह होते हैं:
बायोमेट्रिक अपडेट: अगर आप अपनी फोटो, उंगलियों के निशान (Fingerprints) या आंखों की पुतली (Iris) का डेटा अपडेट करवाते हैं, तो इसके लिए 100 रुपये से 125 रुपये तक का शुल्क निर्धारित है।
डेमोग्राफिक अपडेट: नाम, पता, जन्म तिथि या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बदलने के लिए केवल 50 रुपये से 75 रुपये तक की फीस लगती है।
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट: बच्चों के लिए 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य होता है और यह पूरी तरह से मुफ्त है।
आखिर 200 रुपये क्यों मांगे जा रहे हैं?
अब सवाल आता है उस 200 रुपये के आंकड़े का। दरअसल, कई बार जब आप किसी निजी केंद्र या छोटे कियोस्क पर जाते हैं, तो वहां संचालक आपसे अधिक पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं। इसके पीछे कई कारण बताए जाते हैं:
सर्विस चार्ज का नाम: कई निजी केंद्र संचालक फॉर्म भरने, स्कैनिंग और इंटरनेट के खर्च के नाम पर अतिरिक्त पैसे जोड़ देते हैं।
दस्तावेजों की कमी: अगर आपके पास जरूरी कागजात नहीं हैं और केंद्र संचालक किसी तरह की मदद करता है, तो वह इसकी 'सुविधा शुल्क' मांग सकता है, जो कि पूरी तरह गलत है।
जागरूकता की कमी: बहुत से लोगों को सही सरकारी फीस की जानकारी नहीं होती, जिसका फायदा कुछ लोग उठाते हैं।
क्या 200 रुपये देना सही है?
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सीधा जवाब है: नहीं। UIDAI के नियमों के मुताबिक, कोई भी आधार केंद्र निर्धारित शुल्क से एक रुपया भी ज्यादा नहीं ले सकता। अगर आपसे बायोमेट्रिक अपडेट के लिए 125 रुपये से ज्यादा या डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 75 रुपये से ज्यादा मांगे जा रहे हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन है।
हालांकि, हाल ही में UIDAI ने 'होम एनरोलमेंट' जैसी प्रीमियम सेवाएं शुरू की हैं, जहां अधिकारी आपके घर आकर आधार अपडेट करते हैं। ऐसी विशेष सेवाओं के लिए शुल्क 700 रुपये तक हो सकता है, लेकिन सामान्य आधार केंद्र पर 200 रुपये की कोई कानूनी श्रेणी नहीं है।
ज्यादा पैसे मांगे जाएं तो क्या करें?
अगर कोई आपसे आधार अपडेट के नाम पर लूट मचा रहा है, तो आप चुप न बैठें। आप इन तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं: टोल-फ्री नंबर: आप सीधे 1947 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह UIDAI की हेल्पलाइन सेवा है।
ईमेल के जरिए: आप अपनी शिकायत help@uidai.gov.in पर लिखकर भेज सकते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल: UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज करने का विकल्प मिलता है।









