PF Withdrawal Rules 2026: पीएफ निकासी के नियमों में बड़ा बदलाव, बिना नियोक्ता की मंजूरी के निकलेंगे 5 लाख रुपये
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए साल 2026 में एक ऐसी सौगात लेकर आया है, जो पीएफ (PF) निकासी की पूरी प्रक्रिया को बदलकर रख देगी। 'EPFO 3.0' प्रोजेक्ट के तहत अब पीएफ क्लेम सेटलमेंट के लिए हफ्तों का इंतजार बीते दिनों की बात होने वाली है। सरकार के नए डिजिटल बदलावों के बाद अब पीएफ का पैसा महज 3 दिनों के भीतर सीधे आपके बैंक खाते में पहुंच जाएगा।
यह खबर उन लाखों कर्मचारियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, जिन्हें अक्सर आपात स्थिति में पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। आइए जानते हैं कि यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और आपको इसका लाभ कैसे मिलेगा।
3 दिनों में क्लेम सेटलमेंट: कैसे हुआ यह संभव?
अभी तक पीएफ क्लेम सेटल करने की आधिकारिक समय सीमा 20 दिनों की थी, हालांकि कई मामलों में इसमें और भी अधिक समय लग जाता था। EPFO 3.0 के तहत संगठन ने 'ऑटो मोड' सेटलमेंट प्रणाली को अपना लिया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग किया जा रहा है।
इसका मतलब यह है कि अगर आपका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा है और आपके रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं है, तो सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) के आपके क्लेम को वेरिफाई करेगा और उसे मंजूरी दे देगा। इस ऑटोमेशन की वजह से 20 दिनों का काम अब सिर्फ 72 घंटों यानी 3 दिनों में पूरा हो जाएगा।
एडवांस लिमिट में भी हुई भारी बढ़ोतरी
सिर्फ समय ही नहीं बदला है, बल्कि पैसों की सीमा भी बढ़ाई गई है। सरकार ने ऑटो-सेटलमेंट के तहत पीएफ एडवांस की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। अब बीमारी, शादी, बच्चों की शिक्षा या घर खरीदने जैसे जरूरी कामों के लिए आप 5 लाख रुपये तक की राशि बिना किसी देरी के निकाल सकते हैं।
EPFO 3.0 की अन्य बड़ी विशेषताएं
यह नया अपडेट सिर्फ तेज भुगतान तक सीमित नहीं है। इसमें कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो भविष्य निधि प्रबंधन को बैंक खाते की तरह आसान बना देंगे:
यूपीआई (UPI) और एटीएम सुविधा: चर्चा है कि आने वाले समय में पीएफ का पैसा यूपीआई के जरिए भी निकाला जा सकेगा और इसके लिए विशेष कियोस्क मशीनें भी लगाई जाएंगी।
वेतन सीमा में वृद्धि: सरकार अनिवार्य भविष्य निधि के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने पर विचार कर रही है, जिससे मिड-लेवल कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत में भारी इजाफा होगा।
बिना एम्प्लॉयर की मंजूरी के निकासी: यदि आपका यूएएन (UAN) आधार से लिंक है और ई-केवाईसी अपडेटेड है, तो कई मामलों में आपको अब अपने नियोक्ता (Employer) के साइन या मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बहुभाषी सहायता: नए पोर्टल पर 'भाषिणी' टूल का उपयोग किया जाएगा, जिससे आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
आपको क्या करना होगा?
इस 'सुपरफास्ट' सेवा का लाभ लेने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
EPFO 3.0 भारतीय श्रम क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह न केवल भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करेगा, बल्कि कर्मचारियों को उनकी खुद की बचत पर बेहतर नियंत्रण भी देगा। 3 दिनों के भीतर पैसा मिलना आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो जरूरत के समय कर्मचारियों के लिए ढाल का काम करेगा।
यह खबर उन लाखों कर्मचारियों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है, जिन्हें अक्सर आपात स्थिति में पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। आइए जानते हैं कि यह नई व्यवस्था कैसे काम करेगी और आपको इसका लाभ कैसे मिलेगा।
3 दिनों में क्लेम सेटलमेंट: कैसे हुआ यह संभव?
अभी तक पीएफ क्लेम सेटल करने की आधिकारिक समय सीमा 20 दिनों की थी, हालांकि कई मामलों में इसमें और भी अधिक समय लग जाता था। EPFO 3.0 के तहत संगठन ने 'ऑटो मोड' सेटलमेंट प्रणाली को अपना लिया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का उपयोग किया जा रहा है।You may also like
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इसका मतलब यह है कि अगर आपका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा है और आपके रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं है, तो सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) के आपके क्लेम को वेरिफाई करेगा और उसे मंजूरी दे देगा। इस ऑटोमेशन की वजह से 20 दिनों का काम अब सिर्फ 72 घंटों यानी 3 दिनों में पूरा हो जाएगा।
एडवांस लिमिट में भी हुई भारी बढ़ोतरी
सिर्फ समय ही नहीं बदला है, बल्कि पैसों की सीमा भी बढ़ाई गई है। सरकार ने ऑटो-सेटलमेंट के तहत पीएफ एडवांस की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। अब बीमारी, शादी, बच्चों की शिक्षा या घर खरीदने जैसे जरूरी कामों के लिए आप 5 लाख रुपये तक की राशि बिना किसी देरी के निकाल सकते हैं।EPFO 3.0 की अन्य बड़ी विशेषताएं
यह नया अपडेट सिर्फ तेज भुगतान तक सीमित नहीं है। इसमें कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो भविष्य निधि प्रबंधन को बैंक खाते की तरह आसान बना देंगे: यूपीआई (UPI) और एटीएम सुविधा: चर्चा है कि आने वाले समय में पीएफ का पैसा यूपीआई के जरिए भी निकाला जा सकेगा और इसके लिए विशेष कियोस्क मशीनें भी लगाई जाएंगी।
वेतन सीमा में वृद्धि: सरकार अनिवार्य भविष्य निधि के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने पर विचार कर रही है, जिससे मिड-लेवल कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति बचत में भारी इजाफा होगा।
बिना एम्प्लॉयर की मंजूरी के निकासी: यदि आपका यूएएन (UAN) आधार से लिंक है और ई-केवाईसी अपडेटेड है, तो कई मामलों में आपको अब अपने नियोक्ता (Employer) के साइन या मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बहुभाषी सहायता: नए पोर्टल पर 'भाषिणी' टूल का उपयोग किया जाएगा, जिससे आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
आपको क्या करना होगा?
इस 'सुपरफास्ट' सेवा का लाभ लेने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है: - आपका UAN एक्टिव होना चाहिए।
- आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता विवरण (IFSC कोड के साथ) KYC पोर्टल पर अपडेटेड होने चाहिए।
- आपके आधार और पीएफ रिकॉर्ड में नाम और जन्मतिथि बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए।
- ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) प्रक्रिया पूरी कर लें, क्योंकि इसके बिना कई डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।
EPFO 3.0 भारतीय श्रम क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह न केवल भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करेगा, बल्कि कर्मचारियों को उनकी खुद की बचत पर बेहतर नियंत्रण भी देगा। 3 दिनों के भीतर पैसा मिलना आर्थिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो जरूरत के समय कर्मचारियों के लिए ढाल का काम करेगा।









