EPFO 3.0 New Rules: अब UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा, बदल गए नियम

नौकरीपेशा लोगों और भविष्य निधि खाताधारकों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को पूरी तरह अपग्रेड करते हुए EPFO 3.0 के नए नियम लागू कर चुका है। इस नए और आधुनिक सिस्टम के आने के बाद पीएफ खाताधारकों को अपने ही पैसे निकालने के लिए हफ्तों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब आप बेहद आसान तरीके से सीधे अपने यूपीआई या ईपीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके अपने पीएफ खाते से तुरंत फंड निकाल सकेंगे। ईपीएफओ के इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य पीएफ क्लेम की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, तेज और बिना किसी झंझट के पूरा करना है।
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पीएफ खाते से यूपीआई और एटीएम के जरिए निकाल सकेंगे पैसे

नए EPFO 3.0 नियमों के तहत अब खाताधारकों को सीधे डिजिटल भुगतान की बेहतरीन सुविधा मिलने जा रही है। इस नए सिस्टम के चालू होने के बाद आप नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से तैयार किए जा रहे विशेष इंटरफेस की मदद से अलग-अलग यूपीआई ऐप्स के जरिए अपने पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक हिस्सा तुरंत निकाल सकेंगे। इसके साथ ही, ईपीएफओ सदस्यों के लिए विशेष ईपीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड भी जारी करने की योजना बना रहा है। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आपातकालीन स्थितियों या वित्तीय जरूरत के समय आपको पारंपरिक क्लेम प्रोसेस के लंबे इंतजार से मुक्ति मिल जाएगी और आप सीधे एटीएम से कैश निकाल सकेंगे।


ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़कर हुई 5 लाख रुपये

ईपीएफओ ने खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए ऑटो-सेटलमेंट यानी स्वचालित क्लेम निपटान की सीमा को बढ़ा दिया है। पहले जहां केवल 1 लाख रुपये तक के पीएफ क्लेम ही ऑटो-सेटलमेंट के तहत प्रोसेस किए जाते थे, वहीं अब इस सीमा को बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इस तकनीकी अपग्रेड के कारण लगभग 95 प्रतिशत पीएफ क्लेम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खुद-ब-खुद प्रोसेस हो जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जो पीएफ क्लेम पहले दिनों या हफ्तों में सेटल होते थे, वे अब महज कुछ घंटों या मिनटों के भीतर सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे।



अब एम्प्लॉयर की मंजूरी का झंझट खत्म

अक्सर देखा जाता था कि पीएफ का पैसा निकालने के लिए कर्मचारियों को अपनी कंपनी या एम्प्लॉयर के चक्कर काटने पड़ते थे और उनके अप्रूवल का इंतजार करना पड़ता था। नए EPFO 3.0 नियमों ने इस निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब स्टैंडर्ड विड्रॉल के लिए आपको किसी नियोक्ता के अटेस्टेशन या मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। खाताधारक आधार ओटीपी और सेल्फ-सर्टिफिकेशन यानी स्व-सत्यापन के जरिए खुद ही अपने पीएफ खाते की जानकारी को ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे और क्लेम सबमिट कर सकेंगे। इसके लिए ईपीएफओ ने 32 सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ विशेष करार भी किया है ताकि फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया सुगम बनी रहे।


रिटायरमेंट सेविंग्स के लिए लागू होगा 25% लॉक-इन नियम

जहां एक तरफ पैसे निकालना बेहद आसान कर दिया गया है, वहीं कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य और रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने एक सुरक्षा कवच भी तैयार किया है। नए नियमों के मुताबिक, आपातकालीन स्थिति में भी आपको अपने पीएफ खाते में कम से कम 25 प्रतिशत का मिनिमम बैलेंस हमेशा बनाए रखना होगा। यह 25 प्रतिशत का हिस्सा खाते में पूरी तरह लॉक रहेगा ताकि बुढ़ापे के लिए आपकी बचत सुरक्षित रहे। हालांकि, 55 वर्ष की आयु के बाद रिटायरमेंट होने पर, पूरी तरह से काम करने में अक्षम होने पर, या स्थायी रूप से विदेश जाने जैसी विशेष परिस्थितियों में इस सुरक्षित रखे गए 25 प्रतिशत हिस्से समेत पूरे 100 प्रतिशत फंड को एक साथ निकालने की अनुमति दी जाएगी।



जानिए यूपीआई और एटीएम सुविधा का लाभ उठाने के लिए क्या है जरूरी

अगर आप भी ईपीएफओ के इस नए डिजिटल अवतार और त्वरित क्लेम सेटलमेंट का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेजों और योग्यताओं का होना अनिवार्य है। सबसे पहले आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिवेट होना चाहिए। इसके साथ ही आपका यूएएन कार्ड आपके आधार कार्ड, पैन कार्ड और सही आईएफएससी कोड वाले बैंक खाते से पूरी तरह लिंक यानी केवाईसी-कम्प्लाइंट होना चाहिए। टैक्स नियमों की बात करें तो उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। 5 साल की लगातार सेवा के बाद निकाला गया पीएफ पूरी तरह टैक्स-फ्री रहेगा, लेकिन यदि आप 5 साल से पहले 50,000 रुपये से अधिक की राशि निकालते हैं, तो उस पर टीडीएस लागू होगा। ऐसे में उच्च टीडीएस कटौती से बचने के लिए पैन कार्ड का लिंक होना बेहद जरूरी है।