सुकन्या समृद्धि और पीपीएफ की नई ब्याज दरें: जानें जनवरी-मार्च तिमाही में आपको कितना फायदा होगा
नए साल की शुरुआत के साथ ही हम सभी अपनी आर्थिक योजनाओं को लेकर थोड़े गंभीर हो जाते हैं। हर परिवार चाहता है कि उसकी मेहनत की कमाई ऐसी जगह लगे जहाँ वह सुरक्षित भी रहे और उस पर रिटर्न भी अच्छा मिले। हाल ही में जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के लिए सरकार ने विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों की घोषणा कर दी है। इन योजनाओं में सुकन्या समृद्धि योजना और पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ जैसे विकल्प शामिल हैं जो भारतीय मध्यम वर्ग के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना उन माता-पिता के लिए एक वरदान की तरह है जो अपनी बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए एक बड़ा फंड जुटाना चाहते हैं। इस तिमाही के लिए इसकी ब्याज दरें निवेश के लिहाज से काफी आकर्षक बनी हुई हैं। जब हम लंबी अवधि के निवेश की बात करते हैं तो कंपाउंडिंग का जादू इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। सरकार द्वारा इन दरों को स्थिर रखने या उनमें मामूली बदलाव करने का सीधा असर लाखों परिवारों की भविष्य की प्लानिंग पर पड़ता है।
इसके अलावा पीपीएफ और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम जैसी योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज भी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ये सरकारी योजनाएं एक सुरक्षित ठिकाने की तरह महसूस होती हैं। अगर आप भी इस साल अपने निवेश पोर्टफोलियो को नया रूप देना चाहते हैं तो इन दरों को समझकर सही फैसला लेना आपके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
सुकन्या समृद्धि योजना उन माता-पिता के लिए एक वरदान की तरह है जो अपनी बेटियों की पढ़ाई और शादी के लिए एक बड़ा फंड जुटाना चाहते हैं। इस तिमाही के लिए इसकी ब्याज दरें निवेश के लिहाज से काफी आकर्षक बनी हुई हैं। जब हम लंबी अवधि के निवेश की बात करते हैं तो कंपाउंडिंग का जादू इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। सरकार द्वारा इन दरों को स्थिर रखने या उनमें मामूली बदलाव करने का सीधा असर लाखों परिवारों की भविष्य की प्लानिंग पर पड़ता है।
इसके अलावा पीपीएफ और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम जैसी योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज भी निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच ये सरकारी योजनाएं एक सुरक्षित ठिकाने की तरह महसूस होती हैं। अगर आप भी इस साल अपने निवेश पोर्टफोलियो को नया रूप देना चाहते हैं तो इन दरों को समझकर सही फैसला लेना आपके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।
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