Traffic Challan Scam Alert: फर्जी SMS लिंक से सावधान, सरकार ने जारी की बड़ी चेतावनी

अगर आपके मोबाइल पर ट्रैफिक चालान का कोई SMS आता है और उसमें तुरंत भुगतान करने के लिए लिंक दिया गया है, तो सावधान रहने की जरूरत है। सरकार ने ट्रैफिक चालान स्कैम को लेकर लोगों को अलर्ट किया है। हाल के दिनों में साइबर ठग फर्जी ई-चालान मैसेज भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ये मैसेज इतने असली जैसे लगते हैं कि कई लोग बिना जांचे-परखे उन पर भरोसा कर लेते हैं।
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PIB ने फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज पर किया फैक्ट चेक

सरकारी फैक्ट-चेक एजेंसी ने साफ किया है कि ट्रैफिक चालान के नाम पर भेजे जा रहे कई SMS और WhatsApp संदेश पूरी तरह फर्जी हैं। इन मैसेज में अक्सर यह दावा किया जाता है कि आपके वाहन पर लंबित चालान है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो अतिरिक्त जुर्माना या दूसरी कार्रवाई हो सकती है।

PIB Fact Check ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है, “Got an SMS saying your traffic challan is pending⁉️ STOP! Verify first”. इसी के साथ यह भी बताया गया कि स्कैमर्स फर्जी RTO e-challan links, APKs और PDFs भेज रहे हैं जो देखने में आधिकारिक लगते हैं।



स्कैमर्स कैसे लगाते हैं अपना जाल

यह ट्रैफिक चालान स्कैम आमतौर पर SMS और WhatsApp के जरिए शुरू होता है। साइबर अपराधी लोगों को एक ऐसा संदेश भेजते हैं जिसमें चालान भुगतान के लिए लिंक, APK फाइल या PDF अटैचमेंट दिया जाता है।

जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता है या फाइल डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कई मामलों में ऐसे लिंक बैंकिंग डिटेल्स, OTP और UPI से जुड़ी जानकारी चुराने के लिए बनाए जाते हैं। यही वजह है कि एक छोटी सी लापरवाही सीधे आर्थिक नुकसान में बदल सकती है।



एक क्लिक से क्यों खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

सरकार की चेतावनी के मुताबिक, फर्जी ट्रैफिक चालान लिंक पर क्लिक करने से फोन हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बाद साइबर ठग OTP तक पहुंच सकते हैं और अनधिकृत बैंकिंग या UPI ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ऐसे फर्जी मैसेज लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए भेजे जाते हैं ताकि वे बिना सोचे-समझे जल्दी भुगतान कर दें। यही जल्दबाजी स्कैमर्स के लिए सबसे बड़ा मौका बन जाती है।


असली ट्रैफिक चालान कैसे करें चेक

अगर आपको सच में लगता है कि आपके वाहन पर कोई ट्रैफिक चालान लंबित हो सकता है, तो किसी भी SMS लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने साफ कहा है कि चालान की जांच केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही करनी चाहिए।

इसके लिए आप सीधे Parivahan eChallan portal पर जाकर अपने वाहन नंबर या चालान नंबर से स्थिति देख सकते हैं। किसी भी संदिग्ध लिंक के बजाय यही सबसे सुरक्षित तरीका माना जा रहा है।



ट्रैफिक चालान स्कैम से बचने के लिए क्या करें

फर्जी ट्रैफिक चालान स्कैम से बचने के लिए कुछ आसान सावधानियां बेहद जरूरी हैं। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी APK फाइल या PDF को बिना जांचे डाउनलोड न करें। केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें।

अगर कोई मैसेज बहुत जल्दी भुगतान करने का दबाव बना रहा हो, तो पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। ट्रैफिक चालान की जानकारी हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से ही लें। यही सबसे सुरक्षित तरीका है।


अगर आप स्कैम का शिकार हो जाएं तो क्या करें

अगर गलती से आपने किसी फर्जी ट्रैफिक चालान लिंक पर क्लिक कर दिया है या भुगतान कर दिया है, तो तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है। सरकार ने कहा है कि ऐसे मामलों में नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

शिकायत के लिए आप National Cyber Crime Reporting Portal का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी तुरंत संपर्क किया जा सकता है। समय पर शिकायत करने से नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।


सबसे जरूरी बात यही है

आज के समय में ट्रैफिक चालान स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं और साइबर अपराधी लोगों की घबराहट का फायदा उठा रहे हैं। अगर आपके पास ट्रैफिक चालान से जुड़ा कोई SMS आता है, तो सबसे पहले उसकी सच्चाई जांचें।


याद रखें, असली ट्रैफिक चालान की जांच केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही करें। किसी भी फर्जी लिंक, APK या PDF से दूरी बनाकर रखना ही साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है।