भूमिहीन किसानों की चमकी किस्मत: सरकार देगी सालाना 4,000 रुपये की आर्थिक मदद!
भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसके पास अपनी खुद की जमीन नहीं है। ये भूमिहीन किसान या खेतिहर मजदूर दूसरों के खेतों में पसीना बहाकर देश का पेट भरते हैं। लेकिन अक्सर सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं को मिल पाता था जिनके नाम पर जमीन के कागज होते थे। इस विसंगति को दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने अब एक ऐतिहासिक फैसला लिया है जिससे इन मेहनतकश मजदूरों के जीवन में खुशहाली की नई किरण दिखाई दे रही है।
क्या है यह नई योजना?
सरकार ने विशेष रूप से उन परिवारों को लक्षित किया है जो खेती पर निर्भर तो हैं लेकिन जिनके पास स्वयं की भूमि नहीं है। नई घोषणा के अनुसार अब इन भूमिहीन किसानों को सालाना 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी ताकि बीच में किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।मदद की जरूरत क्यों थी?
अक्सर देखा गया है कि जब भी बेमौसम बारिश या सूखा पड़ता है तो उसका सबसे बुरा असर उन मजदूरों पर पड़ता है जो दिहाड़ी पर काम करते हैं। जमीन के मालिक को तो मुआवजे की राशि मिल जाती है लेकिन ये मजदूर खाली हाथ रह जाते हैं। 4,000 रुपये की यह सहायता राशि भले ही छोटी लगे लेकिन एक गरीब परिवार के लिए यह खाद, बीज की व्यवस्था करने या घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में बहुत मददगार साबित होगी।Next Story