29 अप्रैल तक इन राज्यों में होगी भारी बारिश और ओलावृष्टि, मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट
भारत के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम की लुका-छिपी का खेल जारी है। कहीं आसमान से आग बरस रही है तो कहीं अचानक होने वाली बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को हैरत में डाल दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में, विशेषकर 29 अप्रैल तक, देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज काफी सख्त रहने वाला है।
उत्तर भारत में गरज के साथ बौछारें
उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हलचल बढ़ गई है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में न केवल बारिश बल्कि बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब और हरियाणा में 29 अप्रैल तक ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। धूल भरी आंधी और गरज के साथ होने वाली यह बारिश बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत तो देगी लेकिन खुले में रखी फसलों और बागवानी के लिए यह चिंता का विषय बन सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून जैसी स्थिति अभी से दिखने लगी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बिजली कड़कने और तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
मध्य और दक्षिण भारत की स्थिति
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल और आंतरिक कर्नाटक में 29 अप्रैल के आसपास बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। हालांकि, जहां एक तरफ बारिश का अनुमान है, वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बना हुआ है।
सावधानियां और सुझाव
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। अगर आपके क्षेत्र में ओलावृष्टि या बिजली कड़कने की चेतावनी है, तो कोशिश करें कि घर के अंदर ही रहें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। घर के बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और अपने साथ छाता या रेनकोट रखना न भूलें।
गर्मी और अचानक होने वाली बारिश का यह संगम स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है, इसलिए खान-पान का विशेष ध्यान रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
उत्तर भारत में गरज के साथ बौछारें
उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हलचल बढ़ गई है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में न केवल बारिश बल्कि बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब और हरियाणा में 29 अप्रैल तक ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। धूल भरी आंधी और गरज के साथ होने वाली यह बारिश बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत तो देगी लेकिन खुले में रखी फसलों और बागवानी के लिए यह चिंता का विषय बन सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून जैसी स्थिति अभी से दिखने लगी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके साथ ही नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बिजली कड़कने और तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।मध्य और दक्षिण भारत की स्थिति
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे केरल और आंतरिक कर्नाटक में 29 अप्रैल के आसपास बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। हालांकि, जहां एक तरफ बारिश का अनुमान है, वहीं ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का प्रकोप बना हुआ है। सावधानियां और सुझाव
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच खुद को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। अगर आपके क्षेत्र में ओलावृष्टि या बिजली कड़कने की चेतावनी है, तो कोशिश करें कि घर के अंदर ही रहें। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। घर के बाहर निकलते समय मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और अपने साथ छाता या रेनकोट रखना न भूलें।गर्मी और अचानक होने वाली बारिश का यह संगम स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल सकता है, इसलिए खान-पान का विशेष ध्यान रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
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