अमेरिकी पॉलिसी बदलेंगे भारतीय दिमाग! फेड ने इस त्रिमूर्ति को किया खास टास्क फोर्स में शामिल
US फेडरल रिजर्व ने गुरुवार को पांच टास्क फोर्स के लीडर्स के नामों का ऐलान किया. ये टास्क फोर्स इस बात की समीक्षा करेंगी कि सेंट्रल बैंक मॉनेटरी पॉलिसी कैसे लागू करता है. चुने गए लोगों में भारतीय मूल के अर्थशास्त्री रघुराम राजन और राज चेट्टी, और माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव आशा शर्मा शामिल हैं, जो तीन पैनल की अगुवाई करेंगे. फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने पद संभालने के बाद 17 जून को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पहल का ऐलान किया था.
वॉर्श ने एक बयान में कहा कि कीमतों में स्थिरता और ज्यादा से ज्यादा रोजगार के लिए फेडरल रिजर्व का कमिटमेंट अटूट है. साथ ही, हम अपने मैंडेट को पूरी गंभीरता से निभाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि अलगअलग क्षेत्रों के बेहतरीन एक्सपर्ट्स एक संस्था के तौर पर हमारे कामकाज को बेहतर बनाने के लिए हमारे साथ काम करने को तैयार हुए हैं. मकसद साफ़ है: यह पक्का करना कि फेड इस अहम समय में अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हो.
फेड ने कहा कि हर टास्क फोर्स की अगुवाई एकेडेमिया, बिजनेस और सेंट्रल बैंकिंग के एक्सपर्ट्स मिलकर करेंगे, जिन्हें फेडरल रिजर्व के स्टाफ का सहयोग मिलेगा. ये पैनल आज़ादी से काम करेंगे और फेडरल ओपन मार्केट कमिटी को सबूतों पर आधारित सुझाव देंगे. वॉर्श को उम्मीद है कि यह समीक्षा साल के आखिर तक पूरी हो जाएगी.
रघुराम राजन क्या करेंगे?रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री कैरेन डायनन और फेडरल रिजर्व के पूर्व गवर्नर जेरेमी स्टीन के साथ मिलकर ‘बैलेंस शीट पॉलिसी’ टास्क फोर्स में काम करेंगे.
यह पैनल फेडरल रिजर्व की मौजूदा बैलेंस शीट व्यवस्था की कॉस्ट, फ़ायदों और संस्थागत असर की जांच करेगा, जिसमें एसेट होल्डिंग्स और मॉनेटरी पॉलिसी को लागू करने में उनकी भूमिका शामिल है. वॉर्श पहले भी कह चुके हैं कि फेड की बैलेंस शीट, जिसकी कीमत अभी लगभग 6.7 ट्रिलियन डॉलर है, को कम किया जाना चाहिए.
राजन अभी यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में फाइनेंस के प्रोफेसर हैं. 2013 से 2016 के बीच RBI गवर्नर के तौर पर, उन्होंने भारत को “टेपर टैंट्रम” से निपटने में मदद की, बैंकिंग सिस्टम को मजबूत किया और देश के महंगाईलक्ष्यीकरण फ़्रेमवर्क को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई.
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री राज चेट्टी, वॉलमार्ट के पूर्व CEO डग मैकमिलन और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के अर्थशास्त्री केविन मर्फी के साथ मिलकर ‘डाटा’ टास्क फोर्स की अगुवाई करेंगे. यह ग्रुप असल दुनिया के उन आर्थिक संकेतों की क्वालिटी और समय पर उपलब्धता को बेहतर बनाने पर ध्यान देगा, जो फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसलों में मदद करते हैं. चेटी को अमेरिका में आर्थिक गतिशीलता, असमानता और लेबर मार्केट का अध्ययन करने के लिए बड़े प्रशासनिक और रियलटाइम डाटासेट का इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है.
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशा शर्मा, वेंचर कैपिटलिस्ट मार्क आंद्रेसेन और स्टैनफोर्ड के अर्थशास्त्री चार्ल्स आई. जोन्स के साथ मिलकर प्रोडक्टिविटी और जॉब्स टास्क फोर्स में काम करेंगी. यह पैनल प्रोडक्टिविटी, रोज़गार और आर्थिक विकास पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती हुई जनरलपर्पस टेक्नोलॉजी के आर्थिक असर का आकलन करेगा. उम्मीद है कि इसके नतीजों से फेडरल रिजर्व को यह बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी कि AI और दूसरी टेक्नोलॉजी में तरक्की कैसे लेबर मार्केट पर असर डाल सकती है और भविष्य के मॉनेटरी पॉलिसी फैसलों को आकार दे सकती है.