हिमाचल : नवरात्र मेले में ड्यूटी निभाते गई SI राजेश की जा*न- घर लौटी पार्थिव देह, परिवार बेसुध

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हिमाचल : नवरात्र मेले में ड्यूटी निभाते गई SI राजेश की जा*न घर लौटी पार्थिव देह, परिवार बेसुध

तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो मचा कोहराम

ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के भरवाईं में नवरात्र मेले के दौरान ड्यूटी निभाते हुए एक पुलिस अधिकारी की दर्दनाक मौत हो गई। रविवार को जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर पैतृक गांव अमलेला पहुंचा, तो परिवार में चीखपुकार मच गई। 

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रविवार को जब SI राजेश कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव अमलेला पहुंचा, तो परिवार में चीखपुकार मच गई। पत्नी मधु बाला, बुजुर्ग मातापिता और बेटी तन्वी का रोरोकर बुरा हाल था। बेटे को खोने के गम में मातापिता रत्न चंद और कांता देवी बेसुध हो गए। राजेश कुमार परिवार के लिए बुढ़ापे का सहारा थे।

राजेश कुमार की पत्नी मधु बाला को परिवार और गांव के लोग संभालते रहे। वहीं, दिल्ली में पढ़ाई कर रही उनकी बेटी तन्वी भी पिता का पार्थिव शरीर देखकर बदहवास हो गई। घर में हर तरफ मातम पसरा हुआ था।

परिवार के इस दुख को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

रविवार को अमलेला गांव के श्मशानघाट में SI राजेश कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके बेटे गोलू ने नम आंखों से पिता की चिता को मुखाग्नि दी। पुलिस जिला नूरपुर की टुकड़ी ने सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में अमलेला और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और राजेश कुमार को श्रद्धांजलि दी।

जानकारी के अनुसार भरवाईं क्षेत्र में यातायात बाधित होने की सूचना मिलने पर चिंतपूर्णी पुलिस थाना में तैनात SI राजेश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

राष्ट्रीय राजमार्ग503 पर वन विभाग कार्यालय के पास सड़क के निचले हिस्से में बने मोड़ पर वाहनों की आवाजाही सुचारू करवाने के लिए वह यातायात नियंत्रित कर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर दो बसों को पास करवाते समय अचानक वह दोनों वाहनों के बीच आ गए। दोनों बसों के बीच फंसने से उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और पुलिस टीम तुरंत उन्हें अस्पताल ले जाने में जुट गई।

हादसे के तुरंत बाद घायल एसआई को चिंतपूर्णी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए टांडा रेफर कर दिया गया।

हालांकि, भरवाईं पहुंचने पर ही उनकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी के दौरान हुए इस हादसे ने पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया।

उनके पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए ऊना अस्पताल भेजा गया है। इस घटना ने एक बार फिर व्यस्त और संकरे सड़क मार्गों पर यातायात नियंत्रित करने वाले पुलिसकर्मियों के सामने मौजूद जोखिम को उजागर किया है।

हादसे को लेकर चिंतपूर्णी पुलिस ने दोनों बस चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद SI राजेश कुमार के पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए चिंतपूर्णी पुलिस थाने में लाया जाएगा। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां स्थित उनके घर ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके निधन की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर परिवार अपने प्रियजन को खोने के गम में है, वहीं पुलिस विभाग ने भी अपने साथी के असमय चले जाने पर गहरा दुख जताया है।