गैस संकट से निपटने की तैयारी, क्या 14.2kg की जगह मिलेगा 10kg LPG सिलेंडर?
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और खासतौर पर ईरान से जुड़े संघर्ष ने भारत की रसोई तक असर डालना शुरू कर दिया है। एलपीजी यानी घरेलू गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है और इसी बीच 14.2 किलो के बजाय 10 किलो गैस सिलेंडर देने की चर्चा ने लोगों का ध्यान खींचा है। आइए समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है, सरकार की क्या रणनीति है और आम लोगों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
ईरान से जुड़े तनाव के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा है, जिससे सप्लाई चेन बाधित हो गई है। नतीजतन, गैस की उपलब्धता कम हुई, कीमतों में बढ़ोतरी हुई और कई जगहों पर सिलेंडर के लिए इंतजार बढ़ गया।
हालांकि, सरकार के कुछ अधिकारियों ने इसे अभी सिर्फ अटकल बताया है और कहा है कि इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
क्यों पैदा हुआ LPG संकट
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। देश की लगभग 60 प्रतिशत LPG जरूरत विदेशों से आती है और इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है।ईरान से जुड़े तनाव के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा है, जिससे सप्लाई चेन बाधित हो गई है। नतीजतन, गैस की उपलब्धता कम हुई, कीमतों में बढ़ोतरी हुई और कई जगहों पर सिलेंडर के लिए इंतजार बढ़ गया।
10 किलो LPG सिलेंडर का प्लान क्या है
रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 14.2 किलो की जगह 10 किलो LPG सिलेंडर देने पर विचार कर रही हैं। इसका उद्देश्य सीमित गैस को ज्यादा घरों तक पहुंचाना है।हालांकि, सरकार के कुछ अधिकारियों ने इसे अभी सिर्फ अटकल बताया है और कहा है कि इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
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