6 Free LPG Cylinders Scheme: मुफ्त एलपीजी सिलेंडरों की घोषणा! जानें किसे मिलेगा लाभ और कैसे करें आवेदन

अक्टूबर का महीना त्यौहारों के साथ-साथ आम जनता के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। देश में 1 अक्टूबर से रसोई गैस (LPG) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू हो रहे हैं। एक तरफ जहां केंद्र सरकार सब्सिडी पाने के लिए बायोमेट्रिक आधार ई-केवाईसी अनिवार्य कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर की उमर अब्दुल्ला सरकार ने प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है।
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विधानसभा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सतीश शर्मा ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्य के अंत्योदय अन्ना योजना (AAY) कार्डधारकों को सालाना 6 एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे।

किसे मिलेगा 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडरों का लाभ?

इस योजना का लाभ विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के 'अंत्योदय अन्ना योजना' (AAY) राशन कार्डधारक परिवारों को मिलेगा।


  • AAY राशन कार्ड समाज के सबसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को जारी किए जाते हैं।
  • सरकार द्वारा मुफ्त सिलेंडरों का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में सब्सिडी/रिफंड के रूप में भेजा जाएगा।
  • 6 मुफ्त सिलेंडरों के अलावा अतिरिक्त सिलेंडर खरीदने पर भी नियमानुसार सब्सिडी दी जाएगी।

1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार e-KYC अनिवार्य

यदि आप एलपीजी सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले अपना बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) कराना अनिवार्य होगा।

  • जिन्होंने पहले से e-KYC करा लिया है: उन्हें दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 27.43 करोड़ से अधिक एलपीजी उपभोक्ता ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
  • e-KYC कराने का तरीका: उपभोक्ता अपने संबंधित गैस एजेंसी कार्यालय जाकर, डिलीवरी बॉय के माध्यम से या मोबाइल ऐप्स (IndianOil ONE, HelloBPCL या HP PAY) का उपयोग करके अपनी ई-केवाईसी घर बैठे पूरी कर सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में योजना को लेकर हंगामा

इस घोषणा के बाद जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्षी दल भाजपा ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष का आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में राज्य के 'हर परिवार' को सालाना 12 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का वादा किया था।


सत्ता में आने के बाद सरकार ने वादे को सीमित करते हुए सिलेंडरों की संख्या 12 से घटाकर 6 कर दी और इसे केवल AAY परिवारों तक सीमित कर दिया। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा सदन में तीखी बहस देखने को मिली।